बांग्लादेश में उग्रवाद की वापसी? मदरसे में चल रही थी बम बनाने की फैक्ट्री, धमाके के बाद हुआ भंडाफोड़, आत्मघाती हमलों की तैयारी का शक
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक मदरसे के अंदर बम बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। मदरसे के अंदर तेज धमाके के बाद खुफिया फैक्ट्री की जानकारी पुलिस को मिली।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच राजधानी ढाका में एक मदरसे के अंदर बम बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। ढाका के साउथ केरानीगंज इलाके में एक बड़े मिलिटेंट ऑपरेशन का खुलासा तब हुआ, जब एक मदरसे से जोरदार धमाके की आवाज आई। धमाके से मदरसे के अंदर छिपी खुफिया बम बनाने की फैक्ट्री का पता चला। इससे लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच के दौरान केरानीगंज के हसनाबाद इलाके में उन्मुल कुरान इंटरनेशनल मदरसे पर छापे के दौरान भारी मात्रा में केमिकल और बम बनाने के सामान भी बरामद किए। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस जगह का इस्तेमाल आत्मघाती हमलों के लिए सामान तैयार करने के लिए किया जा रहा था, जो हाल के सालों में सबसे खतरनाक मिलिटेंट खोजों में से एक है।
मदरसे में बम की फैक्ट्री से बरामद हुआ ये सामान
शनिवार, 27 दिसंबर को साउथ केरानीगंज पुलिस स्टेशन में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग में, ढाका डिस्ट्रिक्ट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस मोहम्मद मिजानुर रहमान ने कन्फर्म किया कि साइट से लगभग 400 लीटर लिक्विड केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग उपकरण और कई विस्फोटक साम्रगी बरामद की गईं। ब्लास्ट के तुरंत बाद क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) क्राइम सीन यूनिट और एंटी-टेररिज्म यूनिट (ATU) को जगह को सुरक्षित करने और जांच करने के लिए भेजा गया।
सुसाइड बॉम्बिंग से जुड़ा मामला
सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) मिजानुर रहमान ने कहा, जिस पैमाने पर सामान बरामद हुआ है, उससे साफ पता चलता है कि तोड़फोड़ की एक बड़ी घटना की तैयारी थी। यह कोई अचानक हुई घटना या छोटा ऑपरेशन नहीं था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मदरसे का इस्तेमाल एक्सप्लोसिव बनाने के सेटअप को कवर करने के लिए किया जा रहा था। जांच करने वालों का मानना है कि ये केमिकल एक बहुत ज्याद वोलाटाइल एक्सप्लोसिव कंपाउंड बनाने के लिए थे, जो अक्सर सुसाइड बॉम्बिंग से जुड़ा होता है।
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तेज धमाके से हुआ बड़ा खुलासा
यह धमाका शुक्रवार, 26 दिसंबर को सुबह करीब 11:00 बजे हुआ, जिससे मदरसे की बिल्डिंग को नुकसान हुआ। छत और लोड उठाने वाले बीम में दरारें आ गईं, और कम से कम दो कमरों को बहुत नुकसान हुआ। इस घटना में मदरसे के डायरेक्टर शेख अल अमीन, जिन्हें राजिब (32) के नाम से भी जाना जाता है, उनकी पत्नी आसिया बेगम (28), उनके दो छोटे बेटे और पड़ोस में रहने वाले हुमायूं कबीर समेत पांच लोग घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर उस समय मदरसे में छात्र मौजूद होते तो स्थिति और भी भयानक हो सकती थी। साप्ताहिक छुट्टी के कारण मदरसा खाली था। अधिकारियों का कहना है कि इसी वजह से बड़े पैमाने पर नुकसान होने से बच गया। जांच एजेंसियों ने कहा कि यह धार्मिक संस्थाओं को ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की एक सोची-समझी कोशिश थी।