Bangladesh: फिर सुलगेगा बांग्लादेश? आज उस्माद हादी का जनाजा निकलने से पहले BSF अलर्ट, जानिए कौन हैं वो कट्टरपंथी, जिसने ढाका को जला दिया!
उस्मान हादी का शव सिंगापुर से बांग्लादेश पहुंच चुका है, शनिवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। हालात को देखते हुए BSF अलर्ट मोड पर है। ढाका में अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। अंतरिम सरकार के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गई है। उस्मान हादी का शव सिंगापुर से बांग्लादेश पहुंच चुका है, शनिवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इससे पहले हादी का नमाज-ए-जनाजा निकाला जाएगा। हालात को देखते हुए BSF अलर्ट मोड पर है। ढाका में अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है।
बाग्लादेश सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार ने हादी को शहीद करार देते हुए उनके हत्यारों को जल्द सजा दिलाने का वादा किया है। इंकलाब मंच ने घोषणा की कि हादी का नमाज-ए-जनाजा शनिवार दोपहर 2 बजे जतियो संसद भवन के साउथ प्लाजा में अदा किया जाएगा। उन्हें राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास दफनाया जाएगा। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस जनाजे में शामिल होंगे।
आज सुपुर्द-ए-खाक होंगे उस्मान हादी
उस्मान हादी का शव शुक्रवार शाम बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचा। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, शव को एयरपोर्ट से बाहर निकालते समय सेना, सशस्त्र पुलिस बटालियन और पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। शव पहुंचते ही कट्टरपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में हिंसा शुरू कर दी। वामपंथी संगठन उदिची शिल्पीगोष्ठी के कार्यालय में आग लगा दी।
कौन हैं वो कट्टरपंथी, जिसने ढाका को जला दिया!
हिंसा में जसिमुद्दीन रहमानी और अताउर रहमान बिक्रमपुरी जैसे कट्टरपंथी नेताओं का हाथ रहा। ये नेता तौहादी जनता और अन्य उग्रवादी समूहों से जुड़े बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इन नेताओं के भड़काऊ भाषण की वजह से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के मुताबिक, जसिमुद्दीन रहमानी अल-कायदा से जुड़े अंसारुल्लाह बंगला टीम का प्रमुख है। आतंकी गतिवधियों के आरोप में इसकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
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भारत विरोधी कट्टरपंथियों का तांडव
यूनुस-नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने रहमानी को रिहा करा दिया। अब हादी की मौत के बाद न्याय की मांग करते हुए जसिमुद्दीन रहमानी ढाका समेत कई शहरों में तांडव मचा रहा है। चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव किया गया। ढाका में प्रमुख समाचार पत्रों प्रथम आलो और डेली स्टार के कार्यालयों में आग लगाई गई। कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने सांस्कृतिक केंद्रों और अन्य संपत्तियों को भी निशाना बनाया।
किसे हुई हादी की मौत
बता दें कि उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। वे 2024 के जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को उखाड़ फेंका था। सिंगापुर के जनरल अस्पताल में छह दिनों तक जिंदगी-मौत की जंग लड़ने के बाद गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।