बांग्लादेश के राष्ट्रपति को शेख हसीना से बात करना पड़ा भारी, अब जा सकती है कुर्सी; इस्तीफे की चर्चा शुरू
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के जल्द ही इस्तीफा देने की संभावना प्रबल हो गई है, जबकि उनका पांच साल का कार्यकाल खत्म होने में अभी लगभग दो साल बाकी हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

बांग्लादेश की राजनीति में एक फिर बड़े बदलाव की आशंका नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में देश में बड़ा भूचाल आने की आशंका गहरा गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पिछले दो दिनों से सियासी गलियारों और मीडिया में इसकी जोरदार चर्चा चल रही है। इसके पीछे की वजह उनका पूर्व पीएम शेख हसीना से संपर्क करना माना जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के जल्द ही इस्तीफा देने की संभावना प्रबल हो गई है, जबकि उनका पांच साल का कार्यकाल खत्म होने में अभी लगभग दो साल बाकी हैं। इसे शेख हसीना युग के अंतिम प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। अप्रैल 2023 में पद संभालने वाले शहाबुद्दीन, पिछली अवामी लीग सरकार के एकमात्र ऐसे संवैधानिक पदाधिकारी हैं जो जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद भी अपने पद बचाने में कायम रहे।
बांग्लादेशी मीडिया ने इस्तीफे का किया दावा
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शाहाबुद्दीन के संभावित इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह मई महीने में उनकी लंदन यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से कथित फोन पर हुई बातचीत है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस गोपनीय बातचीत की जानकारी खुफिया एजेंसियों तक पहुंच गई, जिसके बाद उच्च स्तर से राष्ट्रपति को पद छोड़ने का संदेश दिया गया।
शेख हसीना से फोन पर बात करने की सजा
वहीं, एक और बांग्लादेशी समाचार पत्र प्रथम आलो के हवाले से सरकार के एक बड़े सूत्र ने बताया कि शाहाबुद्दीन ने हाल ही में हसीना से दोबारा संपर्क साधने की कोशिश की थी। इस कदम से सत्ताधारी गठबंधन बेहद नाराज है। पिछले दो दिनों में उनके इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति के पद पर शहाबुद्दीन की नियुक्ति पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में हुई थी।
Advertisement
पूर्व पीएम ने जताई देश वापसी की इच्छा
जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर जाना पड़ा था। इस महीने की शुरुआत में, हसीना ने कहा था कि वह साल खत्म होने से पहले घर लौटना चाहती हैं। बांग्लादेश सरकार ने जवाब में कहा कि वह उनकी वापसी का स्वागत करती है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा।
अदालत ने सुनाई है मौत की सजा
शेख हसीना ने वतन वापसी की इच्छा जताते हुए कहा था कि उन्हें पता है कि देश लौटने पर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा और फांसी भी दी जा सकती है लेकिन इन जोखिमों के बावजूद मैंने वतन वापसी का फैसला लिया है। बता दें कि 17 नवंबर, 2025 को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज़्जमान खान कमाल को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें विरोध-प्रदर्शनों को दबाने में उनकी भूमिका के लिए जिम्मेदार ठहराया था, इन प्रदर्शनों को अब आधिकारिक तौर पर "जुलाई विद्रोह" (July Uprising) कहा जाता है।