बांग्लादेश क्यों नहीं ले जा रहा Sheikh Hasina का विमान, 4 करोड़ पार्किंग फीस, अब भारत करेगा नीलाम
जब विमान के इंजन में खराबी आई तो पायलटों को नजदीकी एयरपोर्ट्स में से नागपुर और रायपुर हवाई अड्डे नजर आए। पालट्स ने रायपुर के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

बांग्लादेश में विद्रोहियों ने तख्ता पलट कर दिया जिसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को वहां से भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी। बांग्लादेश में हिंसा की वजह से स्थितियां काबू से बाहर हो गईं थीं जिसकी वजह से शेख हसीना ने इस्तीफा दिया और बांग्लादेश एयरफोर्स के सी- 130J हरक्यूलिस विमान पर सवार होकर भारत के लिए रवाना हो गईं। हसीना का विमान गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर उतरा और यहीं के सेफ हाउस में रखा गया है। वहीं बांग्लादेश का एक और विमान भारत में पार्क है वो भी साल 2015 से। आइए आपको बताते हैं उस विमान के भारत में पहुंचने कहानी।
बांग्लादेश का ये विमान साल 2015 में भारत आया और तब से ये यहीं पर खड़ा है। भारत ने इसके लिए बार-बार बांग्लादेश से आग्रह भी किया था कि वो अपने इस विमान को वापस ले जाए लेकिन बांग्लादेश ने कभी इसपर कोई जवाब नहीं दिया। अब भारत की एयरपोर्ट अथॉरिटी इस विमान को नीलाम करने जा रही है। इस विमान के लिए भारत ने बांग्लादेश को कई मेल किए चिट्ठियां लिखीं लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ये बड़ा फैसला लिया है।
जानिए बांग्लादेश का विमान कैसे पहुंचा भारत
अब से 9 साल पहले यूनाइटेड एयरवेज बांग्लादेश का एक विमान मैकडॉनल डगलस (MD) 83 एयरक्राफ्ट बांग्लादेश की राजधानी ढाका से मस्कट के लिए 7 अगस्त 2015 को उड़ान भरता है। इस विमान में क्रू मेंबर सहित कुल 176 लोग सवार थे। विमान के उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के बाद उसके इंजन में खराबी आ गई, जिसकी वजह से विमान का इंजन फेल हो गया। ये सबकुछ इतनी जल्दी में हुआ कि किसी को कुछ समझ में नहीं आया। जब विमान का इंजन फेल हुआ तब वो भारत की सीमा में प्रवेश कर चुका था। इंजन के डैमेज होने की वजह से इंजन का एक हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर जा गिरा।
बांग्लादेशी विमान की रायपुर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
जब विमान के इंजन में खराबी आई तो विमान के पायलटों को नजदीकी एयरपोर्ट्स में से नागपुर और रायपुर हवाई अड्डे नजर आए। ऐसे में पालट्स ने बिना एक भी क्षण गंवाए रायपुर के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। पायलटों ने एटीसी के पूरी स्थिति के बारे में जानकारी दी और तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी। रायपुर एटीसी ने बांग्लादेशी विमान को फौरन इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत दे दी। इस तरह से 176 यात्रियों वाला विमान सुरक्षित लैंड कर लिया गया। बाद में दूसरे विमान से यात्रियों को मस्कट भेजा गया।
Advertisement
4 करोड़ से भी ज्यादा हो गया किराया
इसके बाद बांग्लादेश यूनाइटेड एयरवेज ने इस विमान को ठीक करने के लिए एक टीम भी भेजी। इस टीम को काफी हद तक विमान मरम्मत में मदद भी मिली लेकिन वो उसे पूरी तरह से ठीक नहीं कर पाए और विमान को वापस नहीं ले गए। उस टीम ने विमान को हैंगर में पार्क कर दिया। बीते 9 सालों में इस विमान की पार्किंग का किराया लगभग 4 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया। कुछ महीनों तक भारत ने इंतजार किया फिर बांग्लादेश से विमान को ले जाने के लिए संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बांग्लादेश की ओर से कभी कोई जवाब नहीं आया। अब रायपुर के डायरेक्टर डॉ. एसडी शर्मा कहते हैं कि हम इस विमान को नीलाम करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने अपने लॉ डिपार्टमेंट से इसके लिए जानकारी मांगी है उसी के मुताबिक हम आगे की कार्रवाई करेंगे।