अपडेटेड 15 February 2026 at 12:17 IST
बांग्लादेश में ना संसद और ना ही स्पीकर... फिर कैसे होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण? जानें क्या कहता है संविधान का नियम
बांग्लादेश की पिछली सरकार भंग होने से न तो यहां संसद है और न ही स्पीकर है। तो ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि शपथ ग्रहण कैसे होगा? जानिए पूरी प्रक्रिय और संविधान के नियम।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Bangladesh Constitution Rules: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद आम चुनावों में तारिक रहमान की अगुआई में BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) को जबरदस्त बहुमत मिली। अब बाग्लादेश में सरकार बनाने की तैयारियां चल रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बांग्लादेश की पिछली सरकार भंग होने से न तो यहां संसद है और न ही स्पीकर है। यहां पर सदन के डिप्टी स्पीकर फिलहाल जेल में है।
शपथ कौन दिलवाएगा?
ऐसे में सवाल उठता है कि शपथ ग्रहण कैसे होगा और शपथ कौन दिलवाएगा? बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक, चुनाव नतीजों की सरकारी गजट अधिसूचना के बाद 3 दिनों के अंदर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाती है। चुनाव आयोग के नतीजे अंतिम नहीं माने जाते, सरकार अधिसूचना जारी की जाती है।
आम तौर पर संसद के स्पीकर शपथ दिलाते हैं, लेकिन संसद भंग होने के बाद स्पीकर नहीं है। डिप्टी स्पीकर जेल में है। ऐसी स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त सदस्यों को शपथ दिला सकते हैं। राष्ट्रपति किसी व्यक्ति को मनोनीत करके जैसे मुख्य न्यायाधीश या चुनाव आयुक्त के सदस्यों में से किसी को शपथ दिलाने के लिए चुना जा सकता है। यहां के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammed Shahabuddin) हैं, जिनका कार्यकाल 2028 तक है।
PM मोदी को तारिक के शपथ ग्रहण में किया आमंत्रित
शपथ के बाद राष्ट्रपति बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देते हैं। बीएनपी के पास 300 सीटों में से 200 से ज्यादा सीटें हैं, जो 2 तिहाई बहुमत है। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को शपथ दिलाते हैं। अनुच्छेद 56 के अनुसार, राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शपथ दिलवाते हैं। शपथ के बाद सरकार गठित मानी जाती है। यह स्थिति असामान्य है, लेकिन संविधान इसे संभालने के प्रावधान रखता है। पूर्व में भी राजनीतिक संकटों में ऐसे नियमों का पालन किया गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में आमंत्रित किया गया है, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर सकता है।
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Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 15 February 2026 at 12:17 IST