अपडेटेड 15 March 2026 at 22:01 IST
Venezuela में 7 साल बाद लहराया अमेरिकी झंडा, निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों की नई शुरुआत
14 मार्च 2026 को काराकास में अमेरिकी दूतावास पर सात साल बाद अमेरिकी झंडा फिर फहराया गया। 2019 में संबंध टूटने के बाद यह पहला कदम है। स्थानीय लोग खुश हैं, लेकिन दूतावास की मरम्मत जारी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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वेनेजुएला की राजधानी काराकास में स्थित अमेरिकी दूतावास पर अमेरिकी झंडा फिर से फहराया गया। 2019 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध टूट गए थे और झंडा उतार दिया गया था। ठीक सात साल बाद, वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर शनिवार को 2019 के बाद पहली बार अमेरिकी ध्वज फहराया गया
यह कदम जनवरी 2026 में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने और उन्हें न्यूयॉर्क में कैद करने के बाद उठाया गया। निकोलस मादुरो के बाद अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में डेल्सी रोड्रिग्ज ने पद संभाला है, जिन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने की कोशिश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रोड्रिग्ज के प्रयासों का समर्थन किया है।
अमेरिकी दूतावास की टीम ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि "14 मार्च 2019 की सुबह अमेरिकी झंडा अंतिम बार उतारा गया था, और आज 14 मार्च 2026 को ठीक उसी समय इसे फिर से फहराया गया, सात साल बाद।" इस मौके को "एक नई शुरुआत" बताया और कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ खड़ा है।
दूतावास में हो रही मरम्मत
हालांकि झंडा फहरा दिया गया है, लेकिन दूतावास भवन में अभी बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि दूतावास कब पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा और सामान्य गतिविधियां शुरू होंगी।
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स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
काराकास के स्थानीय लोगों ने इस घटना का स्वागत किया। एक निवासी लूज वेरोनिका लोपेज ने कहा, "यह बहुत अच्छी बात है, सच में खुशी की बात। अन्य देशों को भी वापस आना चाहिए क्योंकि हमें प्रगति चाहिए, दुनिया के साथ अच्छे संबंधों की जरूरत है।" एक अन्य निवासी अलेसांद्रो दी बेनेडेट्टो ने बताया कि कई लोग हैरान और खुश थे, इसे सकारात्मक कदम मान रहे थे।
यह घटना अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद संबंध सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, हालांकि कुछ वेनेजुएलावासी अभी भी अमेरिकी प्रभाव और मादुरो को हटाने के तरीके की आलोचना कर रहे हैं, खासकर तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर।
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Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 15 March 2026 at 22:01 IST