पेट्रोल-गैस में लग सकती है आग, हूती अमेरिका और दुनिया की बढ़ा सकते हैं टेंशन, होर्मुज के बाद अब लाल सागर बंद करने की धमकी

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बाधित करने के बाद अब यमनी हूती विद्रोही के जरिए बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने का संकेत दिया है। से लाल सागर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। हूती नेता मोहम्मद अल-फराह ने चेतावनी दी कि स्थिति बिगड़ने पर दोनों महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बंद कर दिए जाएंगे, जिससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

After the Hormuz blockade, Iran is prepared to close Bab al-Mandab Strait red sea
सांकेतिक फोटो | Image: AI-Generated Image

ईरान ने फारस की खाड़ी के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बाधित कर दिया है। अब वह अपने यमनी सहयोगी हूती विद्रोही (Houthi Rebels) के जरिए लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को भी बंद करने का संकेत दे रहा है।

विश्व की दो सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति लाइनों पर खतरा मंडरा रहा है, जिसका असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। लाल सागर यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक जलमार्ग है। यह विश्व व्यापार का लगभग 12%, अंतरराष्ट्रीय कंटेनर यातायात का 30%, और वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है। यह मार्ग एशिया और यूरोप के बीच की दूरी को बहुत कम कर देता है।

हॉर्मुज स्ट्रेट क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यहां से हर दिन औसतन 20 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं, जो विश्व के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20-25% हिस्सा है। ईरान इस मार्ग पर अपना नियंत्रण दिखा चुका है और हाल के महीनों में यहां जहाजों पर हमले किए हैं।

अब लाल सागर का 'दरवाजा' होगा बंद?

बाब अल-मंदेब यमन और जिबूती (Djibouti) के बीच स्थित संकरा जल मार्ग है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यहां से सऊदी अरब का तेल निर्यात और यूरोप-एशिया के बीच का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यह मार्ग बंद हो गया तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ जाएंगे।

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कैसे पहुंचा मामला यहां तक?

अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद गाजा युद्ध शुरू हुआ। इसके समर्थन में ईरान समर्थित हूती समूह ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों पर हमले शुरू कर दिए। फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी। कहा गया कि ये हमले परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल खतरे को रोकने के लिए हैं।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाया। जून 2026 में अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी समझौता हुआ, लेकिन यह जल्दी टूट गया। जुलाई 2026 में फिर से हमले शुरू हो गए।

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हूती सदस्य की धमकी

यमनी हूती आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने हाल ही में चेतावनी दी कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो हॉर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों स्ट्रेट को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह बयान ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी पर भी प्रमुखता से छपा, जो स्पष्ट संकेत है कि तेहरान इस खतरे को अपने रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

जानकारों का मानना है कि हूती बिना तेहरान की मंजूरी के इतना बड़ा कदम नहीं उठाएंगे। यह ईरान का अंतिम बड़ा रिजर्व माना जा रहा है, जिसे वह तभी इस्तेमाल करेगा जब उसे लगे कि पूर्ण युद्ध अनिवार्य है। ये दोनों मार्ग बंद होने से वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति में भारी कमी आ सकती है। शिपिंग कंपनियां पहले ही लाल सागर से बच रही हैं। इसका विकासशील देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

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Published By:
 Sagar Singh
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