अपडेटेड 1 March 2026 at 17:25 IST
अली खामेनेई के कंपाउंड पर 30 सेकेंड में गिरे 30 टन के 30 बम, ऐसे हुई ईरान के खलीफा की मौत
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ट्रंप ने इसकी पुष्टि की, ईरानी मीडिया ने बाद में स्वीकार किया। तेहरान के कंपाउंड पर सटीक हमले में कई वरिष्ठ नेता मारे गए।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों ने मध्य पूर्व की राजनीति को हिला कर रख दिया है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत हो गई है। अमेरिका की प्लानिंग इतनी मजबूत थी की 30 सेकेंड में ईरान का एक बड़ा राजनैतिक कुनबा ध्वस्त कर दिया। 30 सेकेंड की बमबारी में ईरान अपना नेतृत्व खो बैठा।
हमले की शुरुआत में ही तेहरान स्थित खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कई बम गिराए गए, जिससे कंपाउंड पूरी तरह तबाह हो गया। ईरानी राज्य टीवी ने कुछ घंटों बाद खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि की और 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
हमलों में खामेनेई के साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए, जिनमें उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम भी सामने आया है, जो उत्तराधिकारी के रूप में चर्चित थे। साथ ही, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर और अन्य सुरक्षा सलाहकार भी इन हमलों में मारे गए।
30 सेकेंड में 30 टन के 30 बम
हमले की इंटेंसिटी और सटीकता ये बताती है कि ईरान के ज्यादा शहरों और लोकेशन के चयन में अमेरिकी खुफिया विभाग का सबसे बड़ा हाथ है। रिपोर्ट की मानें तो शुरुआती 30 सेकेंड के हमले में 3 शहरों को निशाना बनाया गया। जिसमें 30 से ज्यादा बड़े नेताओं को ढेर कर दिया गया।
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अमेरिका और इजराइल ने शुरुआती हमलों में ही सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो खामेनेई जिस जगह पर रूके हुए थे, अमेरिका और इजराइल ने उस कंपाउंड पर 30 टन के 30 बम गिराए थे। इसी बमबारी में खामेनेई को ढेर कर दिया गया।
हमले का टारगेट 'खामेनेई'
शुरुआती हमले में अमेरिका का पहला टारगेट खामेनेई थे। खामेनेई की मौत की खबर को ईरान ने कई घंटों तक छिपा कर रखा। हालांकि रविवार की सुबह ईरानी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी। खामेनेई की मौत के बाद ये उम्मीद जताई जा रही थी कि सुप्रीम लीडर के बड़े बेटे मोजतबा सुप्रीम लीडर की जगह लेंगे, लेकिन कुछ ही देर बाद मोजतबा की मौत की खबर आई।
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कैसे मारे गए खामेनेई?
खबरों के अनुसार हमले के वक्त खामेनेई सलाहकारों के साथ मीटिंग कर रहे थे। सीक्रेट बैठक की जानकारी मोसाद को मिली। इजरायल ने हमले के लिए रात का इंतजार नहीं किया, हमला जानबूझकर खामेनेई की बैठक के वक्त हुआ। अमेरिका-इजरायल का टारगेट खलीफा ही थे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 17:25 IST