'पाकिस्तान के 80% लोग Gay, बाकी 20% बाइसेक्शुअल', ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच का विवादास्पद दावा, कहा- कोई स्ट्रेट नहीं
पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने एक यूट्यूब इंटरव्यू में विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान की 80% आबादी गे है और 20% बाइसेक्शुअल। उन्होंने कहा कि वहां कोई स्ट्रेट नहीं है, यह खुला राज है जो सामाजिक दबाव, धर्म और परिवार की इज्जत के कारण छिपाया जाता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पाकिस्तान की एक ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बड़ा और विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 80 प्रतिशत आबादी गे (Gay) है और बाकी 20 प्रतिशत Bisexual (दोनों लिंगों के प्रति आकर्षित) है। उनके अनुसार, पाकिस्तान में कोई भी व्यक्ति पूरी तरह स्ट्रेट नहीं है।
यह बयान यूट्यूब चैनल Queer Global पर दिए गए 37 मिनट के लंबे इंटरव्यू का हिस्सा है। वीडियो का एक छोटा क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों में काफी बहस छिड़ गई। हिना बलोच ने कहा-
“मुझे लगता है कि पाकिस्तान का 80 प्रतिशत हिस्सा गे है और बाकी 20 प्रतिशत बाइसेक्शुअल। मैं नहीं मानती कि पाकिस्तान में कोई स्ट्रेट है। लोग इसे खुलकर नहीं कहते और न ही स्वीकार करते हैं।”
पाकिस्तान का खुला राज
ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने इसे दावे को पाकिस्तान का खुला राज बताया। उनका कहना है कि समाज, धर्म और परिवार की इज्जत के दबाव की वजह से लोग अपनी असली कामुकता को छुपाते हैं। सार्वजनिक रूप से लोग इसे नकारते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर यह आम है।
हिना बलोच कौन हैं?
हिना बलोच पाकिस्तान के कराची से हैं। वे खुद को पाकिस्तान में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त थर्ड जेंडर 'ख्वाजा सीरा' कहती हैं। बचपन से उन्हें परिवार और समाज से काफी संघर्ष करना पड़ा। वे बताती हैं कि उनके लिए सबसे बड़ी चिंता लिपस्टिक लगाना, लड़कियों के कपड़े पहनना और गहने पहनने की थी, क्योंकि इससे परिवार वाले उन्हें पीटते थे।
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पारंपरिक रूप से ख्वाजा सीरा समुदाय के लोग भीख मांगने, नाचने या सेक्स वर्क तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन हिना ने इसे ठुकराया। वे जेंडर और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करती हैं। पहले वे पाकिस्तान में प्राइड फ्लैग उठाने पर हिंसा का शिकार हुईं। पुलिस द्वारा अपहरण और दुर्व्यवहार के बाद उन्हें पाकिस्तान छोड़ना पड़ा। अब वे यूके में रहती हैं, जहां उन्होंने SOAS यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से पढ़ाई की और शरणार्थी का दर्जा हासिल किया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। कुछ लोग इसे हास्यास्पद और बिना सबूत का बयान बता रहे हैं, तो कुछ इसे समाज की दोहरी नीति पर सवाल उठाने वाला मान रहे हैं। पाकिस्तान और भारत दोनों देशों में लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं।
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हालांकि यह हिना बलोच का व्यक्तिगत दावा है। कोई वैज्ञानिक सर्वे या आंकड़े इसकी पुष्टि नहीं करते। ऐसे बयान अक्सर बहस छेड़ देते हैं और समाज में छुपी हुई बातों को सामने लाते हैं।