तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की सीधे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को धमकी, कहा- सुधार जाओ, हम निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएंगे
TTP ने शहबाज शरीफ की पार्टी को पाकिस्तानी सेना की भाषा बोलने पर चेतावनी दी। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने कहा कि हम निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएंगे
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Tehreek-e-Taliban Pakistan: एक अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के लड़ाकों ने आतंक मचाया हुआ है। तो दूसरी तरफ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन की घोषणा करदी है। TTP ने पाकिस्तानी राजनीतिक नेतृत्व को दूर रहने की चेतावनी दी है और साफ शब्दों में कहा कि हम मजबूर होकर मुस्लिम लीग के नेतृत्व को निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएंगे। TTP एक अलग आतंकवादी संगठन है, लेकिन उसे अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी माना जाता है।
तालिबान के लड़ाकों ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का गठन 2007 में पाकिस्तान के कबायली इलाकों में हुआ था। इसने पाकिस्तान की नाक में कितना दम किया हुआ है, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कभी पुलिस चौकियों पर हमले कर देता है तो कभी पाकिस्तान के सैनिकों को बंदी बना लेता है। 2024 में TTP ने 1700 से अधिक हमले किए और 1200 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी मानना पड़ा है कि तालिबान को कुचले बिना पाकिस्तान आगे नहीं बढ़ सकता है।
हमारा टारगेट सुरक्षा एजेंसियां और एजेंट- TTP
TTP ने शहबाज शरीफ की पार्टी को पाकिस्तानी सेना की भाषा बोलने पर चेतावनी दी है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने एक बयान में कहा कि उनके लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट हैं। TTP के निशाने पर केवल और केवल सुरक्षा एजेंसियां और उनके एजेंट हैं। TTP ने कहा कि हम किसी भी राजनीतिक पार्टी को अपने लक्ष्यों में शामिल नहीं करते हैं। लेकिन वर्तमान सत्तारूढ़ गठबंधन, विशेष रूप से पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML) के नेतृत्व ने बार-बार हमारे खिलाफ उन्हीं शब्दों और लहजे का इस्तेमाल किया है, जो पाकिस्तानी सेना हमारे खिलाफ इस्तेमाल करती है।
शहबाज शरीफ को धमकी
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने अपने बयान में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को धमकी दी है। TTP ने कहा- 'हम इन राजनीतिक पार्टियों, विशेष रूप से मुस्लिम लीग को आखिरी बार चेतावनी देते हैं कि हमारे और देश पर थोपे गए सुरक्षा एजेंसियों के बीच चल रहे युद्ध में पक्ष न लें। ऐसा ना करने पर हम मुस्लिम लीग के नेतृत्व और 'दंगा फैलाने वाले तत्वों' को निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे।'