अपडेटेड 23 March 2026 at 07:26 IST
ईरान युद्ध ने निकाला पाकिस्तान का दम, अब अमीर देंगे 'कुर्बानी', ईंधन की कीमतों में 200 परसेंट की बढ़ोतरी
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इतनी खस्ता है कि अमीरों पर भारी टैक्स लगाकर 'जन-कल्याण' किया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार ने लग्जरी गाड़ियों के हाई-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क 100 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। अब इसकी कीमत 535 रुपये पहुंच गई। दावा है कि इससे 9 अरब रुपये बचेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में जारी जंग और होर्मुज ऑफ स्ट्रेट के बंद होने से पहले पाकिस्तान की पहले से खस्ताहाल अर्थव्यवस्था का दम निकल गया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने लग्जरी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले उच्च-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क को 100 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, यानी 200 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह ईंधन लग्जरी गाड़ियों में इस्तेमाल होता है।
शहबाज शरीफ सरकार ने आर्थिक तंगी और वैश्विक तेल संकट के बीच रविवार को एक वर्चुअल बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सबसे महंगे और लग्जरी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-ऑक्टेन फ्यूल पर लागू होगी।
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। मिडिल क्लास और गरीबों के लिए आम ईंधन की कीमत नहीं बढ़ाई गई। लेकिन लग्जरी गाड़ियों के मालिकों पर अब इतना भारी टैक्स कि HOBC की कीमत 535 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
हर महीने 9 अरब रुपये बचेंगे
सरकार का दावा है कि इससे हर महीने 9 अरब रुपये बचेंगे, और ये पैसे जनता को राहत देने में लगाए जाएंगे। हकीकत ये है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ऐसी हालत में पहुंच चुकी है कि अब लग्जरी कारों वाले वालों से अधिक शुल्क वसूलकर देश चलाने की तैयारी है। इस फैसले से आम लोगों, निचले और मध्यम वर्ग के वाहनों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट या हवाई किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती
ईरान युद्ध के कारण पाकिस्तान में ईंधन संकट गहराया हुआ है। दो सप्ताह पहले, सरकार ने इस महीने की शुरुआत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की थी। इसके अलावा सरकारी वाहनों के लिए ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती, चार दिन का वर्क वीक और ईंधन बचाओ के अपील जारी हो चुके हैं। अब लग्जरी कारों के मालिकों से कुर्बानी मांग रहे हैं।
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यह भी तय किया था गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवा वालों को इससे छूट दी गई है। सरकार ने जनता से अपील की थी कि वे ईंधन संरक्षण के उपाय अपनाएं ताकि आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने के जोखिम को टाला जा सके।
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Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 07:26 IST