Iran Exposed Pakistan: शहबाज शरीफ के झूठे दावे की ईरान ने खोली पोल, अमेरिका के साथ पीस डील पर कही ये बड़ी बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का ईरान और अमेरिका के बीच अगले 24 घंटे में पीस डील फाइनल होने का दावा झूठा साबित हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि रविवार (14 जून) को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

Pakistan Claim Exposed: अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को एक बार फिर बड़ी कूटनीतिक फजीहत का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौते (पीस डील) को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा दावा किया था, जिसकी पोल खुद ईरान ने खोल दी है।
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया था कि अगले 24 घंटे के भीतर इस पीस डील पर बात पूरी तरह फाइनल हो जाएगी और इस पर डिजिटल यानी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर भी हो सकते हैं।
हालांकि, ईरान ने तुरंत इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि रविवार (14 जून) को ऐसी किसी भी डील पर कोई साइन नहीं होने जा रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा समय से पहले ही क्रेडिट लेने की इस कोशिश ने उसे वैश्विक मंच पर एक बार फिर हंसी का पात्र बना दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने उठाए सवाल
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस जल्दबाजी भरे दावे पर ईरान की तरफ से बेहद सधा हुआ लेकिन कड़ा रुख सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर शहबाज शरीफ के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Advertisement
ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम' पर हस्ताक्षर होने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी कोई तय तारीख या समय बताना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। ईरान के इस बयान के बाद दोनों देशों के आधिकारिक बयानों में साफ तौर पर विरोधाभास और तालमेल की कमी नजर आ रही है, जिससे शहबाज शरीफ के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।
शहबाज शरीफ की उम्मीदों पर फिरा पानी
ईरान की तरफ से खंडन आने से पहले, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस संभावित समझौते को लेकर काफी ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे थे। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि वे लोग पीस डील के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और अगले 24 घंटों में सब कुछ फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान इस पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है।
Advertisement
इतना ही नहीं, उन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका और ईरान का समय से पहले ही शुक्रिया अदा भी कर दिया था। शरीफ ने उम्मीद जताई थी कि यह ऐतिहासिक पीस डील क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार बनेगी, लेकिन ईरान के रुख ने उनके इन दावों की हवा निकाल दी है।
ईरान ने बातचीत में सावधानी बरतने की दी सलाह
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी मीडिया के माध्यम से साफ कहा कि दूसरी तरफ (अमेरिका) की हिचकिचाहट और संशय को देखते हुए इस डील पर हस्ताक्षर की किसी भी तारीख को लेकर बयान जारी करने में अत्यधिक सावधानी और परिपक्वता बरतनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के संवेदनशील मामलों में बिना किसी ठोस सहमति के तारीखों का एलान करना कूटनीतिक रूप से सही नहीं माना जाता।