PoK में बगावत की आग तेज, PAK के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, लोगों की दो टूक- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, हमें तुम्हारे राशन नहीं चाहिए

जून 2026 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में महंगाई, बिजली बिल और आरक्षित सीटों के विरोध में बड़े प्रदर्शन हुए। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोली चलाकर कई लोगों को मार डाला। लोग “PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं” के नारे लगा रहे हैं। रावलकोट में हजारों लोग कह रहे हैं कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।

PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आजादी की मांग फिर बुलंद हो गई है। रावलाकोट में हजारों लोगों ने बड़ा प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी जोर-जोर से नारे लगा रहे हैं- "पोके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।" वे पाकिस्तान सरकार के खिलाफ काफी गुस्से में हैं।

पाकिस्तान सरकार ने PoK में खाने-पीने की चीजों, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई रोक दी है। इसे फूड ब्लॉकेड कहते हैं। लोग कह रहे हैं कि इससे उनके रोजमर्रा की जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है।

रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों प्रदर्शनकारी जुटे। पाकिस्तान सरकार और सेना पर अनदेखी, आर्थिक शोषण और दबाने की कोशिश करने का आरोप है। यह प्रदर्शन 9 जून से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास चल रहे हैं, जहां इस्लामाबाद को खुली चुनौती दी गई।

"भारत से मांग सकते हैं मदद"

प्रदर्शनकारी सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर राशन की रोक हटाई नहीं गई तो वे दूसरे से भी मदद मांग सकते हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अम्मान खान ने संबोधित करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा-

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"हमारी औरतें और बच्चे सीजफायर लाइन पर जीरो पॉइंट पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि वे कश्मीरियों का राशन बंद करेंगे। हमें आपके राशन की जरूरत नहीं है। तुम्हें हमारी जरूरत है। थोड़ा ख्याल करो... थोड़ा ख्याल करो... आपको हमारी जरूरत है। ऐसा न हो कि दूसरे रास्ते खुल जाएं और फिर तुम (पाकिस्तान) हमारी मिन्नतें करनी पड़ी।"

सरदार अम्मान खान के बयान का मतलब भारत की तरफ देखना माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि PoK के लोग अब भारत से मदद मंगना चाहते हैं। हजारों की संख्या में शामिल भीड़ सरदार खान की बातों पर तालियां बजाकर समर्थन किया।

जून से हो रहे प्रदर्शन

PoK के लोग लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ भारी महंगाई, बिजली की समस्या और अन्य मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं। जून 2026 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलाकोट इलाके में भारी प्रदर्शन शुरू हुए। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ जगहों पर “PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है” जैसे नारे लगाए।

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ये प्रदर्शन तेजी से फैले और हिंसक हो गए। पाकिस्तानी पुलिस और रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई, जिसमें करीब 25 से अधिक लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। इंटरनेट बंद कर दिया गया, कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान सरकार अभी तक इस पर कोई ठोस जवाब नहीं दे रही है। लोग कह रहे हैं कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

ये प्रदर्शन सिर्फ रावलाकोट तक नहीं रुके। मुजफ्फराबाद समेत PoK के कई इलाकों में फैले। महिलाएं, स्कूली बच्चे भी सड़कों पर उतरे। कुछ जगहों पर “Pakistani forces out” के नारे भी लगे।

क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

PoK के लोग लंबे समय से परेशान है। आटे, बिजली के दाम बहुत बढ़ गए। लोग कहते हैं कि बिजली महंगी है और कटौतियां आम हैं। इसके अलावा PoK की विधानसभा में 12 सीटें उन कश्मीरियों के लिए आरक्षित हैं जो पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि ये सीटें उनके अधिकार छीन रही हैं। इन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है।

इसके अलावा बुनियादी अधिकारों की कमी है। नौकरियां, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़कें ये सब कम हैं। लोग पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वो PoK को सिर्फ इस्तेमाल करती है, विकास नहीं करती। JAAC नाम का स्थानीय समूह इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा है। पाकिस्तान सरकार ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे गुस्सा और बढ़ गया।

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Published By:
 Sagar Singh
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