Pakistan: 'हिंदुओं के नाम पर शराब बेची जाती है...', जब हिंदू MLA ने की शराबबंदी की मांग, तो मुस्लिम मंत्री ने जो कहा वो हो गया VIRAL

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू विधायक अनिल कुमार ने शराब पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा। इसका मुस्लिम विधायकों ने विरोध किया और कहा- "बहुत बड़ा तबका महरूम हो जाएगा।" सदन ने बहुमत से प्रस्ताव खारिज कर दिया।

Pakistan Hindu MLA demands prohibition of liquor Muslim minister reply goes viral
पाकिस्तान में हिंदू MLA ने की शराबबंदी की मांग | Image: Video Grab

Pakistan news : पाकिस्तान बड़ा अद्भुत देश है, वहां संसद से लेकर खेल के मैदान तक आश्चर्यजनक घटनाएं घटती रहती है। कई बार संसद में नेता ऐसे बयान देते हैं, जो भारत में भी मीम बन जाते हैं। अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत की विधानसभा में एक अनोखी घटना घटी, जिसके सोशल मीडिया पर खूब मजे लिए जा रहे हैं।

इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान की सिंध विधानसभा में एक हिन्दू सदस्य ने शराब की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। हिंदू विधायक की मांग सुनकर पूरा सदन अचरज से भर गया। हिंदू विधायक ने अपनी दलील में कहा कि पाकिस्तान में मुसलमानों को शराब पीने की मनाही है, जबकि हिन्दू कौम शराब पीती है। लेकिन मुस्लिम बहुल विधानसभा ने उनके शराब की बिक्री के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

किसने रखा था प्रस्ताव?

यह प्रस्ताव मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) के विधायक अनिल कुमार ने सिंध विधानसभा में 12 फरवरी 2026 को पेश किया। उनका तर्क था कि पाकिस्तान में शराब के लाइसेंस मुख्य रूप से गैर-मुस्लिमों खासकर हिंदुओं के नाम पर जारी किए जाते हैं। इससे हिंदू समुदाय को बदनामी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पूरे प्रांत में सभी शराब की दुकानों के लाइसेंस रद्द करने और पूरी तरह बंदी की मांग की।

'आज थोड़े जज्बाती हो गए हैं मेरे दोस्त'

सदन में अनिल कुमार के प्रस्ताव का कड़ा विरोध हुआ। सरकार की तरफ से सिंध के गृह मंत्री जिया उल हसन लंजार ने कहा, "सर, मैं इसका विरोध करता हूं।" उन्होंने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की, "आज थोड़े जज्बाती हो गए हैं मेरे दोस्त... बहुत बड़ा तबका महरूम हो जाएगा।" उनका कहना था कि पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक नहीं है, इससे समाज के कई वर्ग प्रभावित होंगे।

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बतादें, पाकिस्तान में पहले से ही शराब की बिक्री नियंत्रित लाइसेंस सिस्टम के तहत होती है, जो मुख्य रूप से गैर-मुस्लिमों और विदेशियों के लिए है। अन्य मुस्लिम विधायकों ने भी प्रस्ताव का विरोध किया। आखिरकार सदन में मतदान हुआ और बहुमत से यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।

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Published By :
Sagar Singh
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