अपडेटेड 5 March 2026 at 18:31 IST

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने पर पाकिस्तान में कोहराम, तेल संकट की आशंका के बीच शहबाज सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, देश में WFH करने पर विचार

Strait of Hormuz बंद होने से पाकिस्तान में तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15 दिन की जगह अब हर हफ्ते तय होंगी। देश में वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य करने पर विचार चल रहा है।

 Pakistan Petrol Prices
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने पर पाकिस्तान में कोहराम | Image: Unsplash (Representative Image)

Iran-Israel War : इजरायल और अमेरिका से चल रहे युद्ध के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार इस रास्ते से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और दुनिया की 25% प्राकृतिक गैस होकर गुजरती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण पाकिस्तान में तेल का संकट आ गया है। कंगाल पाकिस्तान तेल आपूर्ति संकट से निपटने के लिए आपातकालीन कदम उठाने पर विचार कर रहा है। इस संकट के चलते वैश्विक तेल व्यापार प्रभावित हुआ है, जिससे ईंधन की कीमतों में तेजी आने की आशंका है। तेल आपूर्ति में आई कमी से निपटने के लिए पाकिस्तान वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों और सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है, क्योंकि Strait of Hormuz बंद हो गया है। इस वजह से तेल के जहाज फंस गए हैं और माल ढुलाई का किराया भी कई गुना महंगा हो गया है। देश में ज्यादातर डीजल कुवैत से इसी रास्ते से आता है, जबकि पेट्रोल का आयात थोड़ा सुरक्षित है। अभी देश के पास पेट्रोल और डीजल का का स्टॉक कुछ ही दिन का बचा है।

कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी

तेल शिपमेंट के लिए बीमा लागत लगभग 30,000 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 400,000 अमेरिकी डॉलर हो गई है। कच्चे माल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, संकट से पहले लगभग 900,000 अमेरिकी डॉलर की तुलना में अब जहाजों की कीमत अब  40 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) और रिफाइनरियों के लिए इन महंगाई दर को वहन करना मुश्किल है।

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वर्क फ्रॉम होम की योजना

अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर 15 दिन में नहीं, बल्कि हर हफ्ते तय की जा सकती हैं। ऐसा इसलिए ताकि कीमतों में एकदम बड़ा उछाल न आए और कंपनियों को नुकसान न हो। तेल कंपनियों को ज्यादा बीमा और ढुलाई खर्च के लिए मुआवजा दिया जाएगा। जहां संभव हो, सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य करने की योजना है। इससे ईंधन की बचत होगी और बाजार सुचारू चलेगा। कुछ जगहों पर ऑनलाइन क्लास या अन्य बचत के तरीके भी सोचे जा रहे हैं।

डीजल और पेट्रोल की कीमत में उछाल

पाकिस्तान में संकट के पहले सप्ताह में ही डीजल की कीमत में 45-50 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में लगभग 25-26 पैसे प्रति लीटर का अंतर आ गया था और आने वाले समय में कीमत बढ़ सकती है। पाकिस्तान अब सऊदी अरब और UAE से रेड सी के रास्ते सप्लाई लाने की कोशिश है। एक 18 सदस्यीय कैबिनेट कमिटी बनाई गई है, जो कीमतों पर नजर रखेगी। प्रांतों के मुख्य सचिव भी इसमें शामिल होंगे।

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सरकार का कहना है कि अभी देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है। ये सारे फैसले जल्दी कैबिनेट की आर्थिक कमेटी से मंजूर करवाए जाएंगे। यह स्थिति मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से आई है, और अगर यह लड़ाई लंबी चली तो तेल की वैश्विक कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। पाकिस्तान जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह चुनौती बड़ी है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 5 March 2026 at 18:31 IST