ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तानी आतंकी सगठन अब ढूंढ रहे कम उम्र की लड़कियां, ब्रेनवॉश के लिए मसूद अजहर ने तैयार करवाया नया कोर्स
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन बौखला गए हैं। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल रैलियों के जरिए नए जिहादियो की भर्ती कर रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन बौखला गए हैं। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल रैलियों के जरिए नए जिहादियो की भर्ती कर रहे हैं। जैश की एक ऐसी ही रैली की तैयारियों का वीडियो सामने आया है। ये रैली मुजफ्फराबाद में आयोजित की जा रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे स्टेज सजा है- दीवारों पर पोस्टर्स चिपके हैं। पोस्टर्स में ऑपरेशन सिंदूर में जैश के हेड क्वार्टर मरकज सुबहान अल्लाह मस्जिद पर हुए हमले में मारे गए आतंकियों को शाहिद बताया गया है।
हर दीवार पर जेहाद के पोस्टर लगाए गए हैं। सूत्रों की माने तो ये रैली विशेष तौर पर जैश में महिलाओं की भर्ती के लिए की जा रही है जहां उनका जेहादी तकरीरे सुनाकर ना सिर्फ ब्रेनवॉश किया जाएगा बल्कि उनसे जेहाद के नाम पर चंदा भी लिया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में, 8 अक्टूबर को, मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड जमात उल-मुमिनात की घोषणा की थी और 19 अक्टूबर को रावलकोट (पीओके) में दुख्तरान-ए-इस्लाम नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मकसद महिलाओं को इस समूह में शामिल करना था।
लश्कर-ए-तैयबा इन शाखाओं के जरिए करेगा भर्ती
सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद खत्म हुआ लश्कर-ए-तैयबा (LeT) खुद को खड़ा करने के लिए अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के जरिए काम कर रहा है, ताकि वो आम जनता के बीच अपनी पकड़ बना सके। लश्कर का इन रैलियों के पीछे मकसदअपनी इन शाखाओं के जरिए नई भर्ती यानी रिक्रूटमेंट करना हैं।
ये हैं वो शाखाएं
- पाकिस्तान मार्कज़ी मुस्लिम लीग (PMML) – ये लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य राजनीतिक संगठन है।
- मुस्लिम यूथ लीग (MYL) – ये संगठन युवाओं को जोड़ने और भर्ती करने का काम करता है।
- मुस्लिम वीमेन लीग (MWL) – ये लश्कर की महिलाओं की विंग है, जो महिलाओं को अपनी सोच से प्रभावित करने का काम करती है।
- मुस्लिम गर्ल्स लीग (MGL) – ये संगठन कम उम्र की लड़कियों को “शैक्षणिक कार्यक्रमों” के नाम पर निशाना बनाता है।
मसूद अजहर की बहनें करेंगी नेतृत्व
मौलाना मसूद अजहर ने इस महिला ब्रिगेड की कमान अपनी छोटी बहन सादिया अजहर को सौंपी है। सादिया का पति यूनुस अजहर ऑपरेशन सिंदूर में मारा गया था। शूरा में उन्होंने अपनी दूसरी छोटी बहन सफिया और उमर फारूक की पत्नी अफरीरा फारूक को भी शामिल किया है। उमर फारूक पुलवामा आतंकी हमले में शामिल था और बाद में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
Advertisement
इसे भी पढ़ें- पैसे की डिमांड, मना करने पर रेप...तंग आकर इंदौर में एक साथ 24 किन्नरों ने गटक ली फिनाइल; 150 करोड़ की प्रॉपर्टी का है मामला