पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इलाज के लिए जेल से शिफ्ट किया जाएगा अस्पताल
इमरान खान को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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इमरान खान को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इमरान को आज ही अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। उनकी सेहत की जांच और इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट के बजाय सिर्फ उसकी समरी पेश की गई है।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की ताजा मेडिकल रिपोर्ट पर चिंता जताई। अल्वी ने कहा कि इमरान का तनाव अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है और तीन साल से जेल में रहना और पूरी तरह अलग-थलग रहना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। इमरान खान की मौत की अपुष्ट खबरों के बीच सामने आई इस मेडिकल रिपोर्ट ने उनके परिवार और समर्थकों की चिंता और बढ़ा दी है। वे लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। 2023 से जेल में बंद इमरान की स्वास्थ्य स्थिति को रिपोर्ट में गंभीर बताया गया है।
रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की हालत पर चिंता जताई
जेल प्रशासन की रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की हालत को लेकर भी चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट में एंजियोग्राफी कराने की सलाह का जिक्र था। इस पर इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल ने बताया कि यह जांच जेल के बाहर अस्पताल में कराई जा सकती है। PTI के वकील ने इमरान के शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की वजह पता लगाने और उनके निजी डॉक्टरों से जांच कराने की मांग भी की।
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क्या है पूरा मामला?
इमरान खान को 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा। इनमें सरकारी उपहार और कथित गैरकानूनी शादी से जुड़े मामले भी शामिल हैं। कुछ मामलों में उनकी सजा निलंबित या रद्द हो चुकी है, जबकि कई अपील अभी लंबित हैं। इमरान खान की पार्टी PTI को आज भी पाकिस्तान के कई इलाकों में मजबूत जनसमर्थन हासिल है। हालांकि 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी का चुनाव चिन्ह छीन लिया गया था और उसके उम्मीदवारों को निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा था।