पाकिस्तान में LPG की कीमतें छू रही आसमान, 5100 रुपये के पार पहुंचा 11.67 किलो का गैस सिलेंडर

पाकिस्तान में LPG की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। 11.67 किलो सिलेंडर की औसत कीमत अब 3,900 से 5,135 रुपये तक पहुंच गई है। अमेरिका-इजराइल युद्ध और ईरान से आयात में कमी के कारण यह उछाल आया है। देश में मात्र 13-14 दिनों का स्टॉक बचा है।

LPG prices skyrocket in Pakistan gas cylinder price crosses Rs 5100
पाकिस्तान में LPG की कीमतें छू रही आसमान | Image: AP

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने पाकिस्तान के पसीने निकाल दिए हैं। पहले से गरीबी में जी रही आवाम पर अब महंगाई का बोझ बढ़ गया है। पाकिस्तान में तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एक 11.67 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 3,900 से 5,135 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पहले यह 3,150 से 3,968 रुपये के बीच थी।

मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में उछाल आया है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर पंजाब के अलग-अलग शहरों में देखा गया है। इसके साथ ही परिवहन लागत भी बढ़ गई है।

ईद और नौरोज की छुट्टियों के कारण ईरान से रोजाना आने वाले 10,000-12,000 टन एलपीजी के आयात में भी कमी आई है। मार्च के दौरान पाकिस्तान में लगभग 20,000 टन एलपीजी ले कर तीन जहाज पहुंचे हैं। देश में फिलहाल 13-14 दिनों का एलपीजी स्टॉक बचा हुआ है। फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एलपीजी स्टैंडिंग कमिटी के संयोजक एम. अली हैदर ने कहा, “देश में 13-14 दिनों का स्टॉक है। उम्मीद है कि छुट्टियों के बाद ईरानी सीमा से गैस की आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे मांग और आपूर्ति में स्थिरता आ सकती है।”

सालाना 20 लाख टन LPG की जरूरत

पाकिस्तान को सालाना करीब 20 लाख टन एलपीजी की जरूरत पड़ती है, जिसमें से 12 लाख टन आयात किया जाता है और 8 लाख टन स्थानीय रिफाइनरियों से बनता है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले आठ महीनों में LPG के आयात बिल में 4% की कमी आई है। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार यह 725 मिलियन डॉलर से घटकर 696 मिलियन डॉलर रह गया है।

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आम लोगों पर असर

LPG की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर निजी परिवहन पर पड़ा है। LPG से चलने वाले रिक्शे, बसें और मिनी बसों का किराया बढ़ गया है। इससे कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों को काफी परेशानी हो रही है, जो इन साधनों पर सबसे ज्यादा निर्भर रहते हैं। अगर ईरान से आयात फिर से सामान्य हो जाता है तो कीमतों में कुछ स्थिरता आ सकती है, लेकिन फिलहाल मध्य पूर्व की अस्थिरता वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर रही है। 

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Published By :
Sagar Singh
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