कौन था ताहिर अनवर, जिसकी रहस्मयी मौत से भाई मसूद अजहर को लगा बड़ा झटका? जैश में संभालता था ये जिम्मेदारी
कुख्यात आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर को बड़ा झटका लगा है। उसके बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत हो गई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Who Was Tahir Anwar: पाकिस्तान की गोद में बैठे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। इस खबर को भारतीय खुफिया एजेंसी ने कंफर्म किया है। हालांकि, फिलहाल उसकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि ताहिर जैश-ए-मोहम्मद के अंदर अहम भूमिका निभाता था और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी रखता था। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उसे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश के मुख्यालय में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खैर, चलिए जानते हैं कि आखिर ताहिर कौन था और किन गतिविधियों का मास्टरमाइंड था।
कौन था ताहिर अनवर?
ताहिर अनवर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का बड़ा भाई था। जानकारी के अनुसार, वह अपने 11 भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और जैश की रीढ़ की हड्डी माना जाता था। बताया जाता है कि आतंक की काली दुनिया में कदम रखने से पहले वह पाकिस्तान में मुर्गी पालन का काम करता था। मगर साल 2000 के बाद व ह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया।
जैश में कौन सी कमांड संभालता था ताहिर?
ताहिर अनवर जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर सदस्यों में से एक बताया जाता है। इसने अपने भाई मसूद अजहर के साथ साल 2000 में आतंकी संगठन की स्थापना की थी और तभी से उसने संगठन के सैन्य मामलों के चीफ के तौर पर काम किया। वह पाकिस्तान के जिहादी संगठन में आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और नए ट्रेनिंग कैंप की जिम्मेदारी संभालता था।
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पर्दे के पीछे से खेलता था पूरा 'खेल'
मसूद अजहर की तरह ही ताहिर अनवर भी न सिर्फ आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था, बल्कि वह पर्दे के पीछे से ही सारा खेल खेलता था। वह शातिर तरीके से अपनी काली करतूतों को अंजाम देता था। वह अपने भाई मसूद अजहर की तरह कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। मगर अब ताहिर की मौत से जैश-ए-संगठन कमजोर दिख रहा है।
जहां पर हुई ताहिर की मौत, वो जगह क्यों अहम?
बता दें कि जिस जगह पर ताहिर अनवर की मौत हुई है वो काफी अहम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहीं पर 25 अक्तूबर 2025 को महिला जिहाद ब्रिगेड लॉन्च किया गया था। ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जैश की महिला आतंकी विंग जमात-उल-मोमिनत को शुरू किया गया था। कहा जा रहा है कि वो ताहिर ही था जो इसमें भर्ती महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहा था।