"PoK पाकिस्तान का संवैधानिक हिस्सा नहीं, कश्मीरियों का दमन बंद हो", अत्याचार के खिलाफ पाक नेता ने उठाई अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज
मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने PoK में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की है। उन्होंने तुरंत दमन बंद करने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे पाकिस्तान का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। अल्ताफ ने कहा कि कश्मीर कश्मीरियों का है और उन्हें उनके अधिकार दिए जाएं। यह बयान पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने वाला है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आर्थिक अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर भड़के बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शनों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जोर-जबरदस्ती गोली के दम पर कुचलने की कोशिश की है। इस हिंसक कार्रवाई में कई नागरिकों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए।
इस घटनाक्रम पर मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक और नेता अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग की निंदा की है। उन्होंने सख्त बयान देते हुए कहा कि कश्मीर में बल का इस्तेमाल तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
अल्ताफ हुसैन ने PoK में हो रही झड़पों और प्रदर्शनों पर स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण मांगों को दबाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बल प्रयोग से समस्या हल नहीं होती, बल्कि वह और गंभीर हो जाती है। हुसैन ने कहा कि कई दशकों से इस क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि
"कश्मीर का भविष्य कश्मीरियों द्वारा ही तय किया जाना चाहिए।"
PoK में क्या हो रहा है?
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के अलग-अलग इलाकों मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, पूंछ और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। पाकिस्तान सेना प्रदर्शनकारियों पर जुल्म ढा रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें बिजली और आटे पर सब्सिडी, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों की बहाली और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा है।
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इन मांगों को लेकर बनी संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) को पाकिस्तानी सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित कर दिया। इसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस और सेना की कार्रवाई में कम से कम 8-11 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और क्षेत्र में सख्ती बरती जा रही है।
पाकिस्तान का संवैधानिक हिस्सा नहीं PoK
अल्ताफ हुसैन ने PoK को लेकर दावा किया कि वो क्षेत्र पाकिस्तान का संवैधानिक रूप से हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा, "कश्मीर सिद्धांत रूप से कश्मीरियों का है और अब कश्मीरियों का एकमत है कि कश्मीर उनका रहेगा।" उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान सरकार ने खुद सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि आजाद कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। अगर ऐसा होता तो पाकिस्तान में चार के बजाय पांच प्रांत होते।
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हुसैन ने आरोप लगाया कि पीओके के लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को बलपूर्वक कुचला जा रहा है। पाकिस्तानी रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और अन्य सुरक्षा बलों को प्रदर्शनों को दबाने के लिए तैनात किया गया है। रावलाकोट समेत कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, कर्फ्यू लगाया गया है और लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने इन घटनाओं को "यजीदी अत्याचार" करार देते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों से तुरंत दमन बंद करने की मांग की हैं।