'पुराना पुल टूट गया, पानी हमारे घर में घुसा, वो बुरी तरह हिल रहा था तभी...', मौत के मुंह से बच निकली महिला ने सुनाई VIRAL VIDEO वाले घर की कहानी
Nepal flash flood: नेपाल बाढ़ त्रासदी के बीच एक ग्रीन मकान और मकान में मौजूद लोगों की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। अब उस मकान में फंसी एक महिला ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है, जिसके बाद आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal flash flood: भारत का पड़ोसी देश नेपाल पिछले एक हफ्ते से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ सबकुछ बहाकर साथ ले गई। इस जलप्रलय में अभी तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, तो करीब 4 हजार से अधिक लोग अभी भी लापता है।
नेपाल बाढ़ त्रासदी के बीच एक ग्रीन मकान और मकान में मौजूद लोगों की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। नेपाल में बाढ़ के तेज बहाव के बीच मजबूती से खड़े एक हरे रंग के घर का वायरल वीडियो एक हैरान करने वाला नज़ारा था, लेकिन वहां रहने वालों के लिए उस वायरल वीडियो के कुछ पलों में मौत का खौफनाक मंजर कैद था। परिवार घर के अंदर दुबका हुआ था जबकि आस-पास के घर ढह रहे थे।
अब मशहूर हो चुके उस घर में रहने वालीं लक्ष्मी पांडे ने 26 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ के दौरान हुए उस खौफनाक अनुभव को याद किया, जब छह लोग घर के अंदर फंस गए थे और बाद में पड़ोसियों ने उन्हें बचाया। उनकी आपबीती कहानी आपके भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं।
मम्मी जी, बाढ़ आ रही है, हमें भागना...
लक्ष्मी पांडे ने बताया कि जब यह आपदा आई तो वह और उनके पति घर से लगभग पांच मिनट की दूरी पर स्थित अपनी दुकान पर थे। उन्होंने याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी सास को खतरे के बारे में आगाह करने की बहुत कोशिश की, लेकिन उनकी सास ने शुरू में यह मानने से इनकार कर दिया कि खतरा असली है।
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"वहां से, मैं और मेरे पति अपनी सास और बेटी को बचाने के लिए तेज़ी से वापस भागे। मैंने अपनी सास से कहा, 'मम्मी जी, बाढ़ आ रही है, हमें भागना चाहिए, चलिए जल्दी निकलते हैं।' मेरी सास ने कहा, 'नहीं, यहां पहले कभी इतनी बड़ी आपदा नहीं आई है, यह हम तक नहीं पहुँचेगी।' लेकिन ठीक उसी समय पुराना पुल टूट गया और पानी ऊपर से तेज़ी से बहने लगा। मैंने उनसे कहा, 'देखिए, पानी उधर से आ रहा है, अब हम भाग नहीं पाएंगे,'
आगे उन्होंने कहा 'जब भागने का कोई रास्ता नहीं बचा तो बाढ़ का पानी घर में घुसने लगा और उनके पति, ससुर और एक पड़ोसी घर के अंदर भागे, जिससे पूरे परिवार को ऊपर की मंज़िल पर जाना पड़ा।
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बचने की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी, लेकिन...
आगे उन्होंने कहा 'पड़ोसी का घर ढहने से उनका डर और बढ़ गया। "बचने की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी। लेकिन कुछ पड़ोसियों ने अपनी जान जोखिम में डाली और हमें बचाने के लिए एक साथ आए।
अब हम सब बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। यह भगवान की कृपा है। वे चार-पांच लोग हमें बचाने के लिए भगवान का रूप बनकर आए थे। हम अभी भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमें दूसरी जिंदगी मिली है।" पांडे ने बताया कि घटना के समय घर में मौजूद सभी छह लोग सुरक्षित बच गए।
2015 में नेपाल में आए जबरदस्त भूकंप से भयानक
बाढ़ के भयानक ज़ोर का ज़िक्र करते हुए, पांडे ने अपने घर के हिलने की तुलना 2015 में नेपाल में आए जबरदस्त भूकंप से की। "यह बिल्कुल वैसा ही महसूस हुआ जैसे 2072 के भूकंप (नेपाली कैलेंडर के अनुसार) के दौरान ज़ोरदार झटके लगे थे। दोनों तरफ से बाढ़ का तेज पानी हमारे घर को ज़ोर-ज़ोर से हिला रहा था।
नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या हजार के पार
1 सितंबर, नेपाल पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर 2 बजे तक रसुवा बाढ़ के कारण अब तक 1,058 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। मरने वालों में बालक-30, बालिकाएं-35, महिलाएं-232, पुरुष-371 और आंशिक मानव अंग 390 दर्ज की गई है। वहीं, अब तक 4,606 लोग संपर्कविहीन हैं, जबकि करीब 12,000 लोगों को बचाया गया है।