Nepal Flood: जाको राखे साइयां मार सके ना कोई... नेपाल में भीषण त्रासदी के कई घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला 2 साल का बच्चा
नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। चारों तरफ तबाही, पानी और मलबे का मंजर था, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसी आपदा और निराशा के बीच एक ऐसी चमत्कारिक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया और लोगों की ईश्वर पर आस्था को और गहरा कर दिया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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कुदरत के कहर के आगे इंसान हमेशा बेबस नजर आता है, लेकिन जब ईश्वर की कृपा होती है तो मौत के मुंह से भी जिंदगी मुस्कुराकर बाहर निकल आती है। नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। चारों तरफ पानी, कीचड़ और मलबे का खौफनाक मंजर है। इसी तबाही के बीच से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों की आंखों में आंसू और दिल में उम्मीद जगा दी है। मलबे के ढेर में घंटों दबे रहने के बाद भी एक 2 साल का मासूम सही-सलामत जिंदा बाहर निकाला गया है।
मलबे के नीचे दबी थी जिंदगी
बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला। कई मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों को जब एक ढहे हुए मकान के पास रोने की हल्की आवाज सुनाई दी, तो उन्होंने तुरंत मलबा हटाना शुरू किया। वहां कीचड़ और पत्थरों के बीच 2 साल का एक बच्चा फंसा हुआ था।
रेस्क्यू टीम भी रह गई हैरान
जब रेस्क्यू टीम ने बच्चे को बाहर निकाला, तो उसे महज कुछ मामूली खरोंचें आई थीं। इतने भयानक हादसे और घंटों मलबे में दबे रहने के बाद भी मासूम का सुरक्षित मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं था। टीम के सदस्यों ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार दिया और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई'
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोग इसे ईश्वर का चमत्कार बता रहे हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह घटना इस पुरानी कहावत को सच साबित करती है, 'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई।' तबाही के इस दौर में इस मासूम का बचना हर किसी को यह सीख देता है कि जहां उम्मीद खत्म होती है, वहां से ऊपरवाले की कृपा शुरू होती है।