Lebanon Blast: 'दोस्ती, फ्लर्ट सब जायज लेकिन संबंध बनाना...', मोसाद की फीमेल एजेंट कैसे करती है काम?
दुनियाभर में अपने दुश्मनों को खोजकर मौत के घाट उतारने वाली दुनिया की सबसे घातक खुफिया एजेंसियों में से एक मोसाद के काम करने का अलग ही तरीका है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 4 min read

Mossad's Female Agent: लेबनान बीते दो दिनों से लगातार सीरियल धमाकों से दहल रहा है। पहले दिन सैकड़ों पैजर सेट्स में ब्लास्ट से करीब 2800 लोग घायल हुए और 11 लोगों की मौत हो गई तो दूसरे दिन वॉकी-टॉकी और रेडियो सेट में हुए धमाकों में 3 लोगों की मौत हो गई और 500 से अधिक लोग घायल हो गए।
हिजबुल्लाह ने इन धमाकों का आरोप इजरायल ( Israel ) पर लगाया है और बदला लेने की बात कही है। वहीं इजरायल की ओर से इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली गई है। इजरायल के जिम्मेदारी न लेने के बावजूद भी एक्सपर्ट की मानें तो लेबनान के भी भीतर घुसकर ये काम इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का है।
दुनिया भर में अपने दुश्मनों को खोजकर मौत के घाट उतारने वाली दुनिया की सबसे घातक खुफिया एजेंसियों में से एक मोसाद के काम करने का अलग ही तरीका है। मोसाद में मेल एजेंट के साथ ही फीमेल एजेंट भी शामिल होती हैं, जिसे 'लेडी ब्रिगेड' कहा जाता है। ये लेडी ब्रिगेड 'ब्यूटी विद ब्रेन' का ऐसा सटीक मेल होती हैं जो किसी भी मुश्किल काम को अपनी सूझबूझ के साथ पूरा करने का माद्दा रखती हैं।
आइए जानते हैं कि मोसाद की फीमल एजेंट इजरायल के लिए कैसे करती हैं काम ?
Advertisement
टाइम्स ऑफ इजरायल की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, मोसाद की फीमल एजेंट ऊंचे पदों से लेकर जासूसी तक के सभी काम करने में एक्सपर्ट होती हैं। लेकिन इन महिला जासूसों के लिए भी मिशन के दौरान कुछ सीमाएं होती हैं, जिनमें रहकर उन्हें मिशन को पूरा करना होता है। मोसाद की महिला एजेंटों के लिए, जीवन एक जासूसी फिल्म की तरह होता है हालांकि हमेशा उतना आकर्षक नहीं। उनकी दुनिया साजिशों और खतरों के बीच घूमती रहती है और ये सब देश के लिए होता है।
किस हद तक जा सकती हैं मोसाद की महिला एजेंट?
Advertisement
फीमल एजेंट ने इजरायल की सीक्रेस सर्विस में काम करने वाली महिला एजेंट की लाइफ की एक झलक दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने मिशन को पूरा करने के लिए किस हद तक जा सकती हैं। चाहे मिशन कितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ हदें हैं, जिस तक वे नहीं जाएंगी, और उन्हें जाने के लिए नहीं कहा जाएगा।
महिला एजेंट ने बताया कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो छेड़खानी जायज है क्योंकि प्रतिबंधित क्षेत्रों में पुरुष को अंदर जाने की अनुमति मिलने की संभावना कम होती है लेकिन इस काम में एक मुस्कुराती हुई महिला के सफल होने की संभावना ज्यादा होती है। ये महिलाएं कमांडर या उससे उच्च पदों पर हैं और एजेंसी के कुछ सबसे साहसी और महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में शामिल रही हैं।
'दोस्ती, फ्लर्ट सब जायज लेकिन संबंध बनाना...'
मोसाद की महिला एजेंट ने बताया कि हम अपने मिशन को पूरा करने के लिए अपने स्त्रीत्व का इस्तेमाल करती हैं, क्योंकि मिशन को पूरा करने के लिए कोई भी तरीका जायज है। लेकिन अगर हम सोचते हैं कि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए किसी के साथ सोना है, तो मोसाद में कोई भी हमें ऐसा करने की अनुमति नहीं देगा। महिला एजेंटों का इस्तेमाल यौन उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता है। हम फ्लर्ट करते हैं, लेकिन सेक्स करने पर मनाही होती है।
किन महिलाओं की होती है मोसाद में एंट्री?
मोसाद की महिला एजेंट के मुताबिक, मोसाद में महिला एजेंटों की भर्ती करना कठिन है क्योंकि वह जानती है कि यदि वह पकड़ी गयी तो उसका जीवन समाप्त हो जायेगा। लेकिन देश की सुरक्षा के लिए हर समय यह खतरा उठाना होता है। इसलिए मोसाद की ज्यादातर महिला एजेंट सिंगल ही होती हैं क्योंकि परिवार चलाने वाली कई महिलाओं के लिए यह जीवनशैली बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण होती है।