लादेन की मौत मरा ISIS का स्टेट चीफ अबू खादीजा; बिल में छिपकर बैठा था खतरनाक आतंकी, अमेरिकी सेना ने ऐसे कर दिया काम तमाम
इराक में ISIS के भगोड़े स्टेट चीफ अबू खादीजा को मार गिराया गया। अमेरिकी सेना ने इराक के साथ मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ISIS Abu Khadija killed: दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकियों में से एक अब्दुल्ला माकी मोस्लेह अल-रिफाई यानी अबू खादीजा मिट्टी में मिल चुका है। अमेरिका की सेना ने इराक की मदद से खतरनाक आतंकी को खोज निकाला और उसे ढेर कर दिया। ये ऑपरेशन ठीक उसी तरह का रहा है, जैसे 2011 में अमेरिकी सेना ने अलकायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतारा था। जैसे साल 2011 में अलकायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को ढूंढकर अमेरिकी सेना ने मारा, वैसे ही सालों के बाद ISIS स्टेट प्रमुख को अमेरिका सेना ने इराक की मदद से खोजकर मौत की नींद सुला दिया है।
इराक के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को घोषणा की कि इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के नेता को मार गिराया गया है। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने एक बयान में कहा कि अब्दुल्ला माकी मोस्लेह अल-रिफाई यानी अबू खादीजा, इराकी राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी की ओर से अमेरिकी नेतृत्व में चलाए गए अभियान में मारा गया है। प्रधानमंत्री ने अल-रिफाई को इराक और दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक बताया।
अल-रिफाई की मौत पर ट्रंप का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अल-रिफाई की जिंदगी को खत्म कर दिया गया। ट्रंप ने शुक्रवार रात लिखा, 'इराक में ISIS के भगोड़े नेता को मार गिराया गया। हमारे साहसी युद्ध सेनानियों ने उसका लगातार पीछा किया। इराकी सरकार और कुर्द क्षेत्रीय सरकार के समन्वय में ISIS के एक अन्य सदस्य के साथ उसके जीवन को खत्म कर दिया गया।' डोनाल्ड ट्रंप ने साथ में अहम टिप्पणी करते हुए कहा- 'शक्ति के जरिए शांति'।
कैसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम?
13 मार्च को यूएस सेंट्रल कमांड बलों ने इराकी खुफिया और सुरक्षाबलों के साथ इराक के अल अनबर इलाके में अटैक किया। एपी के मुताबिक, यूएस सेंट्रल कमांड ने बयान में कहा कि एक सटीक हमले में अब्दुल्ला मक्की मुस्लीह अल-रिफाई उर्फ अबू खादीजा और एक अन्य ISIS आतंकी मारे गए।
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हमले के बाद ऑपरेशन वाली टीमें वहां पहुंचीं और दोनों ISIS आतंकवादियों की लाशें मिलीं। दोनों आतंकवादियों ने बचने के लिए जैकेट पहन रखी थी और उनके पास कई हथियार थे। सेना ने पिछली कार्रवाई के दौरान जुटाए सैंपल्स से अबू खदीजा की मौत के बाद मिलान किया, जिससे उसकी पहचान पुख्ता हुई। पिछले हमले में अबू खदीजा बच निकला था।