अपडेटेड 1 March 2026 at 11:24 IST
एक फोटो, ट्रंप-नेतन्याहू का इशारा और काम तमाम...मोसाद ने ईरान में ऐसे लगाई सेंध, जानिए मौत के वक्त क्या कर रहे थे खामेनेई
खामेनेई को इतिहास का सबसे 'दुष्ट' इंसान बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को बिल्कुल सही करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई की मौत ईरानी अवाम के लिए अपना देश वापस हासिल करने का सबसे सुनहरा मौका है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान से शनिवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली और दुनिया को हिला देने वाली खबर सामने आई। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई तेहरान स्थित अपने कार्यालय में हुए हमले में मारे गए। इस हमले में IRGC चीफ मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर और खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली शमखानी की भी मौत हो गई।
कैसे हुआ इतना बड़ा हमला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन का नतीजा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि खामेनेई उस समय अपने दफ्तर में रोजमर्रा का काम कर रहे थे, तभी अचानक जोरदार हवाई हमला हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों में उनके कार्यालय ‘लीडरशिप हाउस’ को भारी नुकसान होने की पुष्टि हुई है।
ईरान के अंदर ही थी मोसाद की मजबूत घुसपैठ
इजरायल के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के दावे ने सभी को चौंका दिया। उनके मुताबिक, ईरान ने देश के भीतर मोसाद एजेंट्स को पकड़ने के लिए एक स्पेशल यूनिट बनाई थी, लेकिन इस यूनिट का हेड खुद मोसाद का एजेंट निकला। यही वजह रही कि इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मोसाद ईरान के दिल तक पहुंच गई।
एक फोटो और ट्रंप-नेतन्याहू का इशारा
इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के बाद खामेनेई की बॉडी की एक तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाई गई। इसी के साथ ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि कर दी गई।
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200 से ज्यादा मौतें, 40 वरिष्ठ अधिकारी ढेर
'रेड क्रिसेंट' और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। मरने वालों में कम से कम 40 वरिष्ठ ईरानी अधिकारी शामिल हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि खामेनेई के परिवार के कुछ सदस्य भी इस हमले की चपेट में आ गए। इसमें बेटी, दमाद और पोते की मौत हो गई है।
ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों पर मिसाइलें
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए। दुबई, दोहा (कतर), बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। इन हमलों से खाड़ी देशों में भारी दहशत फैल गई है और वैश्विक तेल सप्लाई पर भी खतरा मंडराने लगा है।
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ट्रंप का आक्रामक बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को सही ठहराते हुए कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे खतरनाक लोगों में से एक थे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा अभियानों में शामिल होने की घोषणा कर दी है।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
सरकारी टीवी पर भावुक एंकर ने देश को बताया कि ईरान 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक में प्रवेश कर चुका है। पूरे देश में शोक की लहर है और सड़कों पर भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
उत्तराधिकारी की तलाश तेज
खामेनेई की मौत के बाद ईरान की असेंबली ऑफ लीडरशिप एक्सपर्ट्स उनकी जगह नए सर्वोच्च नेता के चयन के लिए आपात बैठक कर रही है। वहीं, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को IRGC की कमान सौंपी गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश के नए सुप्रीम लीडर उनके बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को चुना गया है।
युद्ध के मुहाने पर खड़ा मध्य पूर्व
पूरे मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं, हजारों यात्री फंसे हुए हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि हालात जल्द नहीं संभले तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
एक सुनियोजित खुफिया ऑपरेशन, अंदरूनी सेंध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मेल ने मध्य पूर्व को आग के ढेर पर ला खड़ा किया है। आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे कि दुनिया युद्ध की ओर बढ़ेगी या कूटनीति की कोई राह खुलेगी।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 11:04 IST