'गलती मानने तक नहीं छोड़ेंगे...', जंग के बीच ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को दी खुली धमकी, जानें और क्या-क्या कहा
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन चंद ट्वीट्स के जरिये खत्म नहीं किया जा सकता।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US-Israel Attacks Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग 14वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं। गहराते संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिका पर कड़ी कार्रवाई की खुली धमकी दे डाली है।
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन चंद ट्वीट्स के जरिये खत्म नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटने वाला, जब तक ट्रंप अपनी गलती मानकर उसकी कीमत नहीं चुकाते।
ट्वीट से जंग नहीं रुकेगी- ईरानी NSA लारीजानी
लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'ट्रंप का कहना है कि वह एक त्वरित जीत की तलाश में हैं। हालांकि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन इसे महज कुछ ट्वीट्स से खत्म नहीं किया जा सकता। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक आप अपनी गलती मानकर उसकी कीमत नहीं चुका देते।'
ट्रंप के दावों पर लारीजानी की तीखी प्रतिक्रिया
अली लारीजानी ने डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कही थी। ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि अमेरिका ने ईरान में इतने बड़े पैमाने पर हमले किए हैं कि अब वहां निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा। उन्होंने कहा कि वह जब चाहें युद्ध खत्म कर सकते हैं। अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा चुके हैं। युद्ध का अंत अधिक दूर नहीं है।
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बदला लेना ईरान की जिम्मेदारी- मोजतबा
अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। 56 साल के मोजतबा ने पद संभालने के बाद बीते दिन (12 मार्च) अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजरायल के लिए कड़ा संदेश दिया।
मोजतबा ने कहा कि अमेरिका और इजरायल हमलों में मारे गए लोगों का बदला लेना ईरान की जिम्मेदारी है। हम अपने शहीदों के खून को बेकार नहीं जाने देंगे, खासकर मिनाब में शहीद हुए लोगों और बच्चों की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा।
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'सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रहेगा'
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों (खाड़ी देशों) के साथ दोस्ताना संबंधों पर यकीन रखता है, लेकिन उन सैन्य ठिकानों (अमेरिकी बेस, खाड़ी देशों में) को निशाना बनाना जारी रहेगा जो ईरान के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे हैं।
अब तक जंग की भेंट चढ़ चुके सैंकड़ों लोग
बता दें कि 28 फरवरी 2026 से अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किए हमले के बाद से संघर्ष बढ़ते ही जा रहा है। ईरान-इजरायल समेत मिडिल ईस्ट के देशों में अब तक सैंकड़ों लोग इस जंग की भेंट चढ़ चुके हैं। कई सैन्य और ऊर्जा ठिकाने तबाह हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी वजह से भारत सहित दुनिया के कई देश बड़े फ्यूल संकट का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तान, फ्रांस, अमेरिका, पोलैंड, वियतनाम, जर्मनी, श्रीलंका, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में गंभीर ईंधन की किल्लत देखी जा रही है।