ईरान-US डील से अमेरिका के किसानों को होगा फायदा? डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस के दावों की क्या है सच्चाई; ईरान ने दिया दो टूक जवाब

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दावा रहे हैं कि ईरान के साथ डील अमेरिकी कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा आर्थिक फायदा साबित होगी, जबकि ईरान इन दावों को खारिज करते हुए इनकार कर रहा है।

US Iran Deal
अमेरिका के दावे पर ईरान का इनकार | Image: AP

US Iran Deal: मिडिल ईस्ट में 4 महीने से जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान में शांति समझौते पर बात बन गई है। जहां डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दावा कर रहे हैं कि उनका अंतरिम समझौता अमेरिकी किसानों को आर्थिक रूप से भारी लाभ पहुंचाएगा, जबकि ईरान इससे इनकार कर रहा है।

ट्रंप प्रशासन का क्या है दावा? 

दरअसल, समझौते के मुताबिक ईरान के कई अरब डॉलर के फ्रोजन एसेट्स को अनफ्रीज करने का भी प्रावधान है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये पैसे अमेरिकी किसानों से अनाज, सोयाबीन, गेहूं और अन्य कृषि उत्पाद खरीदने में इस्तेमाल होंगे, जो ईरान को भोजन और दवाइयों के रूप में बेहद जरूरी हैं।

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरानी संपत्ति को एस्क्रो खाते में रखेगा, जिस पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण रहेगा। ये पैसे सिर्फ अमेरिका से खाद्य पदार्थ और मेडिकल सप्लाई खरीदने में लगाए जाएंगे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान की संपत्ति जारी करने की प्रस्तावित नीति के तहत मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा सीधे अमेरिकी बाजार में वापस आएगा। पाबंदियां हटने के बाद ईरान उस राशि को अपनी मर्जी से कहीं भी खर्च नहीं कर सकेगा, बल्कि उसे मुख्य रूप से अमेरिकी सोयाबीन, मक्का और गेहूं खरीदने के लिए विवश किया जाएगा। वेंस के अनुसार, यह फंड किसी सैन्य या विवादित गतिविधि में नहीं लगेगा, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और दोहरे लाभ वाली व्यवस्था होगी।

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ईरान का इनकार

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा कि कृषि उत्पादों की कोई भी खरीद "कीमतों और गुणवत्ता" के आधार पर होगी, न कि वाशिंगटन द्वारा तय की गई शर्तों पर। ईरान के जेनेवा में राजदूत अली बहरेनी ने कहा, “ईरान ही तय करेगा कि अपने अनफ्रीज एसेट्स का इस्तेमाल कैसे करना है। अमेरिका या कतर का इसमें कोई रोल नहीं है।”

ईरानी पक्ष का कहना है कि युद्ध का मकसद ईरानी सभ्यता को नष्ट करना था, लेकिन अब वो अमेरिकी किसानों को अमीर बनाने का साधन बन गया है। ईरान के अनुसार, अनफ्रीज फंड्स का इस्तेमाल व्यापक रूप से विभिन्न आयातों के लिए किया जा सकता है, सिर्फ अमेरिकी उत्पादों तक सीमित नहीं।

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Published By:
 Ruchi Mehra
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