Israel-Iran War: जंग के बीच आई GOOD NEWS, ईरान ने खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; पेट्रोल-डीजल सप्लाई चालू!
वेस्ट एशिया में अमरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच एक अच्छी खबर आई है। बताया जा रहा है कि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' खोल दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Iran War: अमेरिका-इजरायल के साथ जंग के बीच ईरान अब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अपना सख्त रुख नरम कर रहा है। ईरान ने बीते दिनों समुद्री व्यापार की दुनिया के सबसे व्यस्त मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) बंद कर दिया था। इसके कारण भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी तेल और गैस की सप्लाई रुक गई थी। इस बीच ईरानी राष्ट्रपति के एक बयान ने उन तमाम कार्गों जहाजों को रास्ता दे दिया है जो हफ्तों से एक जगह फंसे हुए थे।
दरअसल, ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की जंग की आग पूरा वेस्ट एशिया झेल रहा है। लगातार मिसाइल हमले और एयरस्ट्राइक्स ने तनाव चरम पर ला दिया है। भारत में एक ओर एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है, तो दूसरी ओर पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। इस बीच ईरान की 'अकड़' कम होती दिख रही है।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ किया है कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे। ईरान पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा जब तक कि वहां की जमीन से अटैक न किया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बयान का असर यह हुआ है कि तेल व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ता 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की आवाजाही शुरू होती दिख रही है। बताया जा रहा है कि समुद्री मार्ग के एक और फंसे कई वाणिज्यिक जहाज अब आगे बढ़ने लगे हैं।
ईरान ने बंद कर दिया था रास्ता
जानकारों का कहना कि ईरान अब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अपना सख्त रुख नरम कर रहा है। इससे पहले IRGC ने दावा किया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'बंद' कर दिया गया है और जहाजों पर हमले की चेतावनी दी थी। कहा गया था कि अगर कोई भी जहाज वहां से गुजरा तो उसे आग लगा दिया जाएगा। इससे वैश्विक तेल-गैस ट्रैफिक लगभग 'ठप' हो गया था। जहाजों की आवाजाही काफी हद तक गिर गई थी और तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं।
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भारत पर कैसे और क्या पड़ेगा असर?
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। भारत के लिए इसकी अहमियत कहीं ज्यादा है क्योंकि देश के करीब 46 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात इसी रास्ते से होता है। अगर यहां लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रहती तो भारत की ऊर्जा सप्लाई पर गहरा असर पड़ सकता था। इससे शिपिंग बीमा और माल ढुलाई की लागत में उछाल देखने को मिल सकता था, जिससे भारत में महंगाई और व्यापार संतुलन पर भी असर दिखने की संभावना थी।
हालांकि, भारत के पास फिलहाल तेल और जरूरी सामान के लिए पर्याप्त स्टॉक है जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। अगर ईरान अपनी बात पर टिके रहा तो जहाजों की आवाजाही फिर से पहले की तरह बिना किसी डर के शुरू हो पाएगी।