अपडेटेड 7 March 2026 at 08:17 IST

Iran-Israel War: 'अगर हिम्मत है तो...' ,स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने डोनाल्‍ड ट्रंप को दी खुली धमकी, अमेरिका अब बना रहा नया प्‍लान

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और इजरायल को नई धमकी दी है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधा ललकारा गया है कि वे तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर दिखाएं।

Iran gives open challenge donald trump over strait of hormuz
Iran-Israel War: 'अगर हिम्मत है तो...' ,स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने डोनाल्‍ड ट्रंप को दी खुली धमकी, अमेरिका अब बना रहा नया प्‍लान | Image: X

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और इजरायल को नई धमकी दी है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधा ललकारा गया है कि वे तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर दिखाएं। यह चेतावनी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जहां ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत नहीं मिलेगी।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता ने कहा, "हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली चुनौती देते हैं। अगर हिम्मत है तो होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों को सुरक्षित निकालने के लिए अपने युद्धपोतों को एस्कॉर्ट का काम सौंपकर दिखाओ।" यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया संघर्ष के बाद सैकड़ों तेल टैंकर और व्यापारिक जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे में फंस चुके हैं।

ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट बंद नहीं है, लेकिन "शत्रु देशों" से संबंधित जहाजों को प्रवेश निषेध है। इससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे तेल कीमतों में उछाल आ गया है।

अमेरिका ने क्या कहा

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अमेरिकी पक्ष से वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक और सैन्य प्रयासों में जुटे हैं। जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा।" हालांकि, ईरान की चेतावनी ने अमेरिकी नौसेना को अलर्ट पर रख दिया है, और पेंटागन अब टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त युद्धपोत तैनात करने की योजना बना रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक ऊर्जा का जीवन रेखा

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे संकरा और रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और आगे अरब सागर तक पहुंच प्रदान करता है। इसकी चौड़ाई महज 21 मील है, लेकिन महत्व अपार। यहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20% (प्रति दिन 21 मिलियन बैरल) और प्राकृतिक गैस का 25% निर्यात होता है। सऊदी अराबिया, इराक, कुवैत, यूएई और ईरान जैसे तेल समृद्ध देशों की अर्थव्यवस्था इसी पर निर्भर है।

हाल के हमलों के बाद इस रास्ते पर नौचालन लगभग ठप हो चुका है। सैकड़ों जहाज रुके हुए हैं, जिससे एशिया, यूरोप और अमेरिका तक ईंधन आपूर्ति बाधित हो गई है। तेल कीमतें प्रति बैरल 10 डॉलर चढ़ चुकी हैं, और वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

ईरान की समुद्री ताकत और रणनीति

ईरान के लिए होर्मुज सिर्फ आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि सैन्य वर्चस्व का प्रतीक भी है। इसकी तट रेखा पर ईरानी नौसेना ने घातक तटीय मिसाइलें (जैसे होरमुज-1 और नूर), सैकड़ों ड्रोन और तेज रफ्तार स्पीडबोट तैनात की हुई हैं। ये 'स्वार्म' हमलों की क्षमता रखती हैं, जो बड़े युद्धपोतों को भी परेशान कर सकती हैं। ईरान ने पहले भी 2019 में ब्रिटिश टैंकर को जब्त कर अपनी ताकत दिखाई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध छिड़ा, तो ईरान कुछ ही घंटों में इस स्ट्रेट को अवरुद्ध कर सकता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को महीनों तक ठप कर देगा।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 7 March 2026 at 08:17 IST