ईरान-अमेरिका जंग के बीच होर्मुज में भारी तनाव, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, कहा- इस रूट पर नहीं करें भारतीय नाविकों की तैनाती
ईरान और अमेरिका के युद्धा के बीच DGMA ने होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती न करने को कहा है। खाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है। जानिए पूरी डिटेल
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Hormuz Advisory: पश्चिम एशिया में एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। ऐसे में भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। जहाजरानी महानिदेशालय (DGMA) ने सर्कुलर नंबर 36/2026 जारी कर निर्देश दिए कि अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात नहीं किया जाए। ये फैसला खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने और व्यापारी जहाज पर हालिया हमलों को देखते हुए लिया गया है।
DGMA ने क्या आदेश दिए ?
- DGMA ने शिप ओनर्स, शिप मैनेजर्स और RPSL कंपनियों को चेतावनी दी है कि नाविकों की जान जोखिम में न डाली जाए। होर्मुज स्ट्रेट वाले रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती न की जाए।
- फारस की खाड़ी, होर्मुज और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
- हर नौवहन चेतावनी और सुरक्षा एडवाइजरी पर नजर रखें
- ISPS Code को सख्ती से फॉलो करें
- किसी भी तरह की इमरजेंसी आने पर IFC-IOR और DG Communication Center से तुरंत मदद ली जाए।
शिपिंग रूट्स पर बढ़ गया था खतरा
DGMA का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। महानिदेशालय लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
हाल के दिनों में खाड़ी में कई व्यापारी जहाजों पर हमले हुए हैं, जिससे भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए। ईरान-अमेरिका टेंशन के कारण शिपिंग रूट्स पर खतरा बढ़ा गया है। इस एडवाइजरी से हजारों भारतीय परिवारों को राहत मिली है, क्योंकि समुद्र पर कमाई करने वाले नाविकों का भविष्य अक्सर अनिश्चित रहता है। बता दें ये एडवाइजरी फिलहाल अस्थायी है। स्थिति सामान्य होते ही DGMA नई गाइडलाइंस जारी करेगा।