Hantavirus: अटलांटिक में क्रूज शिप पर हंता वायरस ने ली 3 जानें, बिना जांच के भाग गए दर्जनों यात्री; क्या उस पर भारतीय भी सवार?
Hantavirus: हंता वायरस ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। इससे दक्षिण अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप 'एमवी होंडियस' पर तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Hantavirus: अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप 'एमवी होंडियस' पर हंता वायरस के चलते तीन लोगों की मौत हो चुकी है। WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) के मुताबिक, शिप पर फैले हंता वायरस के पांच मामले सामने आए हैं, जबकि तीन अन्य मामलों पर अभी शक बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, डच कंपनी की ओर से संचालित इस क्रूज में कुल 149 लोग सवार हैं, जिनमें क्रू के सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स हैं कि इस क्रूज में तीन भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं।
सबसे पहले एक बुजुर्ग की मौत
क्रूज पर पहली मौत 11 अप्रैल को हुई थी। मरने वाला 70 साल का बुजुर्ग था जो कि डच का रहने वाला था। लगभग दो हफ्ते बाद उशके शव को सेंट हेलेना में क्रूज से उतारा गया। बाद में उसकी 69 साल की पत्नी सेंट हेलेना की तबीयत बिगड़ी और उसकी भी मौत हो गई। जबकि तीसरी यात्री एक जर्मन महिला थी, जिसने 2 मई को दम तोड़ा।
क्रूज शिप पर हड़कंप
इन मौतों से क्रूज शिप पर हड़कंप मच गया। नतीजन 24 अप्रैल को दर्जनों यात्री बिना किसी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के क्रूज शिप से उतर गए। इसके बाद वह अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। क्रूज कंपनी ने बताया कि 23 देशों के करीब 146 यात्री और क्रू सदस्य क्वारंटीन और निगरानी में हैं।
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हंता वायरस क्या है और कैसे फैलता है?
हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों और दूसरे कृंतकों (Rodents) से इंसानों में फैलता है। यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब- मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है।
यह वायरस हवा के जरिये नहीं फैलता हैं। यह पास उठने-बैठने से भी नहीं फैलता है। हालांकि, ये केवल बहुत करीबी संपर्क से फैलता है- जैसे पति-पत्नी, केबिन साथी या बिना सुरक्षा के इलाज करने वाले डॉक्टर्स के बीच।
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हंता वायरस के लक्षण क्या?
हंता के संक्रमण का पता लगने में लगभग 1-8 हफ्तों का समय लगता है। सर्दी, बदन दर्द, बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और उल्टी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इससे संक्रमित व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में पानी भरना, किडनी फेल होना, लो बल्ड प्रेशर जैसी समस्या होती है।