अपडेटेड 19 January 2026 at 10:43 IST

अमेरिका का टैरिफ खेल पड़ गया उल्टा? यूरोपीय देशों ने कर ली ट्रंप को उन्हीं की भाषा में 'मजा चखाने' की तैयारी!

EU on Donald Trump Tariff Bomb: डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए नया दांव खेलते हुए समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि उनका ये दांव इस बार उल्टा पड़ता दिख रहा है।

Donald Trump
Donald Trump | Image: ANI

EU on Donald Trump Tariff Bomb: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड पर गड़ी हुई है। वह एक बार फिर ग्रीनलैंड को खरीदने का इरादा जता रहे हैं। वहीं ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे कुछ यूरोपीय देशों पर ट्रंप ने टैरिफ ठोकने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा नाटो सहयोगियों को भी टैरिफ की धमकी दे डाली है। अब यूरोपीय संघ (EU) ने इस 'जबरन वसूली' वाली कूटनीति का उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी कर ली है।

जान लें कि ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले जो 8 यूरोपीय देश ट्रंप के टैरिफ बम की जद में आए हैं उनमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड शामिल है। इन देशों से अमेरिका में प्रवेश करने वाले सामानों पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगेगा और अगर समझौता नहीं होता है तो 1 जून को बढ़कर यह 25 फीसदी तक हो जाएगा।  

टैरिफ लगाने से बुरी तरह भड़का ईयू

अब यूरोपीय संघ ट्रंप के टैरिफ का मुकाबला करने के लिए योजना बना रहा है। खबर है कि इस संबंध में रविवार को बैठक भी हुई थी। इस बैठक में अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने या फिर सहयोगियों पर टैरिफ लगाने से रोकने को लेकर चर्चा हुई।

ग्रीनलैंड तकनीकी रूप से डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन रणनीतिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के चलते ट्रंप की टेढ़ी नजर उस पर है। मगर, वहां के लोगों ने साफ शब्दों में कह दिया की 'ग्रीनलैंड बिक्राऊ नहीं है'।  

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ईयू ने लगाया टैरिफ तो...

ईयू नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में होने वाले शिखर सम्मेलन में विकल्पों पर विचार करेंगे। जिनमें से एक अमेरिकी आयात पर 93 अरब यूरो का पैकेज लगाना है। यह 6 महीने के निलंबन के बाद अपने आप ही 6 फरवरी से शुरू हो जाएगा।

अगर यूरोपीय संघ के देश 93 अरब यूरो का जवाबी टैरिफ लगाते हैं तो इससे अमेरिका पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि यह राशि इतनी बड़ी है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों- कृषि, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को झकझोर कर रख सकती है। यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि अगर ट्रंप व्यापार नियमों की अवहेलना करते हैं तो यूरोप के पास अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए समान स्तर की कार्रवाई का अधिकार है। यह जवाबी कार्रवाई विशेषकर उन राज्यों को निशाना बना सकती है जो ट्रंप के वोट बैंक माने जाते हैं।

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यूरोपीय नेताओं और राजनयिकों की चेतावनी

इसके अलावा ट्रंप के टैरिफ बम से नाराज यूरोपीय नेताओं और राजनयिकों ने चेतावनी दी है कि उनका यह कदम अमेरिका-यूरोप के संबंधों को कमजोर कर सकता है। साथ ही यह भी चेताया कि यह एक खतरनाक नकारात्मक दौर को जन्म दे सकता है।  

ट्रंप के लिए ग्रीनलैंड क्यों जरूरी?

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप नाटो गठबंधन में शामिल डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को संयुक्त राज्य अमेरिका की सुरक्षा के लिए अहम मानते हैं। अपनी लोकेशन के चलते ग्रीनलैंड डिफेंस के हिसाब से काफी महत्व रखता है। बताया जाता है कि अगर कहीं से मिसाइल हमला होने की आशंका होॉ, तो यहां लगे सिस्टम बहुत जल्दी उस बात का पता लगा सकते हैं और समय रहते ही चेतावनी दे सकते हैं। ऐसा होने से किसी भी बड़े खतरे से पहले तैयारी का मौका मिल जाता है।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 19 January 2026 at 10:43 IST