अपडेटेड 23 March 2026 at 22:06 IST
गैस संकट के बीच राहत की बड़ी खबर, LPG से लदे 2 और जहाज ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; जानिए कबतक होगी भारत में एंट्री
देश में जारी गैस संकट के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में फंसे भारत के दो और बड़े LPG टैंकर सुरक्षित बाहर निकल गए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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भारत में पिछले कुछ हफ्तों से जारी रसोई गैस की किल्लत के बीच एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण जहां दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' लगभग ठप पड़ा है, वहीं भारत की कूटनीतिक जीत ने दो और एलपीजी जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता साफ कर दिया है।
आज भारतीय ध्वज वाले दो विशाल गैस टैंकर 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर चुके हैं। यह खबर उन करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं के लिए उम्मीद की किरण है जो गैस सिलेंडर की डिलीवरी में हो रही देरी और किल्लत से जूझ रहे हैं।
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इन दोनों जहाजों ने ईरान की तटरेखा के बेहद करीब से गुजरते हुए अपना रास्ता बनाया। सूत्रों की मानें तो भारत सरकार और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद इन जहाजों को सुरक्षित गलियारा दिया गया। 'पाइन गैस' ने तो अपने रेडियो सिग्नल पर स्पष्ट रूप से India Ship and Crew का संदेश प्रसारित किया, ताकि तनावग्रस्त क्षेत्र में उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके।
भारत कब पहुंचेंगे ये जहाज?
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर लगभग 92,612 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। यह मात्रा भारत की लगभग एक दिन की पूरी खपत के बराबर है। ये जहाज 26 से 28 मार्च, 2026 के बीच गुजरात के मुंद्रा या कांडला पोर्ट पर पहुंच सकते हैं। इससे पहले 'एमटी शिवालिक' और 'नंदा देवी' जैसे जहाज भी इसी रास्ते से भारत पहुंचे थे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को टूटने से बचाया जा सका।
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क्यों पैदा हुआ था यह संकट?
ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही 95% तक गिर गई है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है, इसलिए घरेलू बाजार में 'पैनिक बुकिंग' और डिलीवरी में 10-15 दिनों की देरी देखी जा रही थी।
फंसे जहाजों को निकालने की कोशिश
एक रिपोर्ट के अनुसार एक खाली जहाज को अब एलपीजी से लोड किया गया है। पाइन गैस और जग वसंत के निकालने के बाद पश्चिमी हिस्से में जहाजों की संख्या कुल 20 रह जाएगी। जिसमें 5 एलपीजी कैरियर होंगे। ये जहाज विशेष रूप से BPCL, HPCL जैसे अन्य कंपनियों से चार्टर किए हैं।
भारत सरकार सभी फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही है।
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Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 22:00 IST