बुलेटप्रूफ कार से लेकर पर्सनल शेफ और डॉक्टर तक... अचूक सुरक्षा और तामझाम के साथ BRICS में उतरे शी जिनपिंग, हर कदम पर तैनात है चीन का पहरा
ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 घंटे के दौरे पर भारत आए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत यात्रा से 10 दिन पहले ही चीन ने एक विशेष कार्गो विमान से सुरक्षा से जुड़े साजो-सामान भारत भेज दिए थे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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18वें ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंच चुके हैं। उनके इस दौरे को लेकर भारत और चीन दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने चाक-चौबंद तैयारियां की हैं। राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ एक बेहद शक्तिशाली और अचूक सुरक्षा भी भारत आया है, जो हर पल उनकी सुरक्षा पर पैनी नजर रखेगा। इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पहले ही भारत पहुंच गईं थीं बुलेटप्रूफ गाड़ियां और विशेष दल
चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी आधिकारिक फ्लीट काफिला बहुत पहले ही भारत पहुंच गई थी। राष्ट्रपति जिनपिंग की विशेष बुलेटप्रूफ स्टेट लिमोजिन कार और एक बैकअप कार उनके भारत दौरे से ठीक 10 दिन पहले ही नई दिल्ली पहुंच गई थीं। उनके साथ 67 लोगों का एक हाई-लेवल डेलिगेशन भी भारत आया है।
इस बड़े दल में वरिष्ठ राजनेता, राजनयिक, विशेष सुरक्षा अधिकारी और पर्सनल डॉक्टर्स शामिल हैं। इसके अलावा, वे अपने साथ अत्याधुनिक टेलीकम्यूनिकेशन सिस्टम भी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से वे भारत से अपने देश बीजिंग में बेहद सुरक्षित और गुप्त तरीके से बातचीत कर सकेंगे।
होटल के कमरे से लेकर खाने तक की होगी कड़ी चेकिंग
राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने 24 घंटे के भारत दौरे के दौरान जिस भी होटल में ठहरेंगे, वहां सुरक्षा के कड़े पहरे होंगे। उनके साथ आए विशेष सुरक्षाकर्मी होटल के चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। राष्ट्रपति के कमरे में प्रवेश करने से पहले सुरक्षाकर्मी कमरे के कोने-कोने की बारीकी से जांच करेंगे। इतना ही नहीं, उन्हें गाला डिनर में परोसे जाने वाले भोजन और व्यंजनों की भी कड़ी जांच से गुजरना होगा।
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जिस होटल में वे रुकेंगे, उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। होटल के आसपास किसी भी प्रकार के केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) हमलों से बचाव के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
चप्पे-चप्पे पर टाइट सिक्योरिटी
तिब्बती एक्टिविस्ट्स के संभावित विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा खतरों को देखते हुए ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं। बीजिंग को आशंका है कि इस दौरे के दौरान एंटी-चाइना प्रोपेगैंडा के तहत ड्रोन, बैनर, लाउडस्पीकर और गुब्बारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत सरकार ने चीन को अपना सामान्य कम्युनिकेशन इक्विपमेंट लाने की अनुमति दी है, लेकिन सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट लाने की इजाजत नहीं दी गई है।
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इसके अलावा, डेलिगेशन को प्राइवेट लाइसेंसी पिस्तौल लाने की अनुमति तो है, लेकिन सबमरीन गन और एंटी-ड्रोन इक्विपमेंट जैसे घातक उपकरण भारत लाने की इजाजत नहीं मिली है।
राष्ट्रपति जिनपिंग का डिनर होगा शाकाहारी
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को G-20 समिट की तर्ज पर ही शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। ब्रिक्स समिट में शामिल होने के अलावा, राष्ट्रपति जिनपिंग भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे और उनके साथ स्टेट डिनर में हिस्सा लेंगे। यही वजह है कि चीनी अधिकारियों ने भारतीय पक्ष से विशेष अनुरोध किया है कि उनके ऑफिशियल स्टाफ को होटल के किचन तक जाने की अनुमति दी जाए। वे मेन्यू की जांच करने के साथ-साथ परोसे जाने वाले व्यंजनों को खुद चखकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भोजन पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं है।
अंडरग्राउंड पाइपलाइन और एंटी-टेरर स्क्वायड की तैनाती
चीनी राष्ट्रपति की इस यात्रा को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। होटल के आसपास एंटी-टेररिज्म स्क्वायड (ATS) और एंटी-ब्लास्ट इंस्ट्रूमेंट्स को तैनात किया गया है। इसके साथ ही एंटी-न्यूक्लियर, एंटी-रेडिएशन और एंटी-बायोकेमिकल स्क्वायड भी मुस्तैद हैं। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए होटल के आसपास के अंडरग्राउंड पाइपलाइन नेटवर्क की भी गहन जांच की गई है। देखा जाए तो राष्ट्रपति जिनपिंग का यह 24 घंटे का दौरा कड़े सुरक्षा पहरे के बीच हो रहा है। जहां एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।