'डर्टी गेम्स' के लिए किया मजबूर, वेश्यावृत्ति का डाला दबाव, 487 मर्दों को बेचा...पूर्व प्रेमी की हैवानियत बता कांप उठी महिला, कोर्ट ने सुनाई 25 साल की सजा
फ्रांस में अपनी पूर्व प्रेमिका को 487 से ज्यादा पुरुषों को बेचने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। जानें कैसे महिला को ब्लैकमेल करके आरोपी दरिंदगी को अंजाम देता था। सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात। पढ़ें पूरी खबर।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Domestic Abuse: फ्रांस की अदालत ने एक क्रूर आपराधिर और चौंका देने वाले मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक महिला को उसकी मर्जी के खिलाफ सैकड़ों पुरुषों को बेचने और उसे गंभीर शारीरिक-मानसिक पीड़ा देने का आरोप में एक्स बॉयफ्रेंड गुइलौम बकी (Guillaume Baky) को 25 साल की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में मौजूद सभी लोग आरोपी की दरिंदगी को सुनकर सन रह गए।
'मरने जैसा महसूस होता था'- पीड़ित महिला
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने अदालत के सामने अपनी आपबीती शेयर करते हुए बताया कि, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उसे 'मरने जैसा महसूस' होता था। महिला ने अपने पूर्व प्रेमी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसे ब्लैकमेल किया और उसकी लाचारी का फायदा उठाकर उसे 487 से ज्यादा पुरुषों के सामने परोस दिया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी इस घिनौने कृत्य के बदले लोगों से पैसे भी लेता था और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित करता था।
आरोपी ने कोर्ट में कबूला अपना जुर्म
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी गुइलौम बकी ने महिला के साथ की गई क्रूरता की बात स्वीकार की है। उसने अदालत में माना कि उसने पीड़िता का गला घोंटने की कोशिश की, उसे सिगरेट और अन्य चीजों से जलाया, कई तरह के अमानवीय और पशुतापूर्ण कृत्यों को अंजाम दिया।
हालांकि, खुद को बचाने के लिए आरोपी ने कोर्ट में ये दलील भी दी कि शुरुआत में उनके बीच के संबंध अच्छे थे और आपसी सहमति (Consensual) के थे, जिसे बाद में उसने अपनी सनक के कारण इस खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया।
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अदालत ने सुनाई सख्त सजा
अदालत ने आरोपी गुइलौम बकी की आपसी सहमति वाली दलील को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि ये मामला सहमति का नहीं, बल्कि मानव तस्करी, गंभीर घरेलू हिंसा और जबरन यौन उत्पीड़न का है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता, पीड़िता को पहुंची मानसिक चोट और आरोपी की क्रूरता को देखते हुए उसे दोषी करार दिया और 25 साल की कैद की सजा सुनाई।