अपडेटेड 1 January 2026 at 17:38 IST

आधी रात तक खूब बिका कंडोम, नये साल पर यहां गर्भ निरोधक चीजों पर लगा बंपर TAX; जानिए क्यों लिया गया ये अजीबो-गरीब फैसला

एक ओर सरकार घटती आबादी और गिरती जन्म दर से निपटने के उपाय खोज रही है, तो दूसरी ओर उसने गर्भ निरोधक साधनों पर टैक्स लगाकर लोगों को चौंका दिया है।

China imposes 13 percent tax on contraceptives
आधी रात तक खूब बिका कंडोम, नये साल पर यहां गर्भ निरोधक चीजों पर लगा बंपर TAX | Image: Pixabay

नए साल की शुरुआत में चीन सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने नई बहस छेड़ दी है। एक ओर सरकार घटती आबादी और गिरती जन्म दर से निपटने के उपाय खोज रही है, तो दूसरी ओर उसने गर्भ निरोधक साधनों पर टैक्स लगाकर लोगों को चौंका दिया है। 1 जनवरी 2026 को चीन में कंडोम पर भारी भरकम टैक्स लागू कर दिया गया है।

चीन के लोगों को गर्भनिरोधक पर 13 प्रतिशत सेल्स टैक्स देना होगा। चाइल्डकेयर सेवाओं को इससे छूट मिलेगी। पिछले साल के आखिर में घोषित किए गए नए टैक्स सिस्टम में कई तरह की छूट खत्म कर दी गई है जो 1994 से चली आ रही थी। उस समय चीन एक-बच्चे वाली नीति को लागू कर रहा था। एक बच्चा नीति के तहत चीन में एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों पर भारी जुर्माना लगाया जाता था।

चीन भी अभी 40 से 60 युआन में मिलते हैं कंडोम

कीमतों की बात करें तो कंडोम आमतौर पर 40 से 60 युआन में मिलते हैं, जबकि एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों की कीमत 50 से 130 युआन के बीच होती है। गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि इस टैक्स से सालाना करीब 5 अरब युआन की अतिरिक्त आय होगी, जो चीन के कुल बजट के मुकाबले बेहद मामूली है।

यह टैक्स दरअसल 2024 में पारित नए VAT कानून का हिस्सा है, जिसके जरिए चीन अपनी कर व्यवस्था को आधुनिक और अधिक स्पष्ट बनाना चाहता है। 1993 में जब VAT व्यवस्था लागू हुई थी, तब गर्भनिरोधक साधनों को टैक्स से इसलिए मुक्त रखा गया था, क्योंकि उस समय चीन सख्ती से एक-बच्चा नीति लागू कर रहा था। सरकार मुफ्त या रियायती दरों पर जन्म नियंत्रण के साधन उपलब्ध कराती थी। उसी दौर में जबरन गर्भपात, नसबंदी और तय सीमा से अधिक बच्चों को पहचान पत्र न मिलने जैसे कठोर कदम भी देखने को मिले थे।

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आज हालात इसके ठीक उलट हैं। एक-बच्चा नीति को 2015 में खत्म किया गया, 2021 में तीन बच्चों की अनुमति दी गई और अब वही सरकार शादी व बच्चों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। इसके तहत माता-पिता को लंबी सवेतन छुट्टियां, चाइल्डकेयर पर सब्सिडी, IVF इलाज में छूट और बुज़ुर्ग देखभाल जैसी सेवाओं पर टैक्स राहत दी जा रही है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 1 January 2026 at 17:38 IST