नेपाल में बाल विवाह की प्रथा को समाप्त करने के लिए अभियान शुरू

नेपाल भारत के बाल अधिकार कार्यकर्ताओं, बच्चों और नागरिक संस्था के सदस्यों सहित 100 से अधिक लोगों ने ‘बाल विवाह मुक्त नेपाल’ अभियान शुरू करने के लिए हाथ मिलाया।

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असम में बाल विवाह पर सख्त हुई सरकार | Image: Freepik

देश में बच्चों की शादी के अपराध को समाप्त करने के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के संकल्प के बीच नेपाल और भारत के बाल अधिकार कार्यकर्ताओं, बच्चों और नागरिक संस्था के सदस्यों सहित 100 से अधिक लोगों ने ‘बाल विवाह मुक्त नेपाल’ अभियान शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है।

नेपाल के महिला, बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्री किशोर साह सुदी के नेतृत्व में मंगलवार को काठमांडू में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें लुमनी प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री और बीएएसई (बैकवर्ड सोसाइटी एजुकेशन) नेपाल के संस्थापक दिली बहादुर चौधरी और भारत के बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन बिभू भी शामिल हुए।

बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान भारतीय संगठन ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ और नेपाल के ‘बैकवर्ड सोसाइटी एजुकेशन’ के सहयोग से महिला एवं बाल मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है। दो से आठ दिसंबर के बीच तीन महाद्वीपों के तीन दर्जन देशों ने बाल विवाह के खिलाफ जेआरसी के बाल विवाह मुक्त विश्व संकल्प समारोह में भाग लिया।

बयान में कहा गया है, “नवंबर 2024 में भारत द्वारा 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान शुरू करने के बाद, नेपाल ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करके दक्षिण एशियाई क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।”

नेपाल ने 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ओली ने भी इस अभियान के प्रति एकजुटता व्यक्त की है और अभियान की सफलता की कामना की है।

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Published By:
 Deepak Gupta
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