BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद रूस के लिए रवाना हुए पुतिन
BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद रविवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने देश के लिए वापस रवाना हो चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद रविवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने देश के लिए वापस रवाना हो चुके हैं। गौरतलब है कि 12 से 13 सितंबर तक होने वाले इस सम्मेलन के लिए पुतिन 11 सितंबर को ही भारत पहुंच चुके थे।
जिनपिंग भी हुए रवाना
इनसे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी आज के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अपने देश के लिए रवाना हो गए थे। इनके बाद अन्य देशों के राष्ट्र अध्यक्ष भी अपने-अपने देशों के लिए रवाना होंगे।
घोषणा पत्र को मिली मंजूरी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में अध्यक्ष देश होने के नाते भारत ने अपना घोषणा पत्र (न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन) तैयार किया था जिसे पीएम मोदी ने सबके सामने प्रस्तुत किया। इस घोषणा पत्र को सभी ब्रिक्स के सदस्य नेताओं ने स्वीकार करते हुए मंजूर किया।
पीएम मोदी के साथ की द्विपक्षीय बातचीत
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने के साथ पुतिन ने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग मुख्य एजेंडा में शामिल थे।
Advertisement
पीएम मोदी ने पुतिन को दिया तोहफा
पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' (तमिल कुरल) का रूसी अनुवाद भेंट में दिया। भारत मंडपम में हुई द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें औपचारिक मुलाकात में यह उपहार दिया। इस कालजयी और महान ग्रंथ की रचना प्राचीन तमिल संत, कवि और दार्शनिक थिरुवल्लुवर ने की थी। तिरुक्कुरल मुख्य रूप से नैतिकता, सदाचार, राजनीति, अर्थशास्त्र और व्यावहारिक जीवन के सिद्धांतों पर आधारित दोहों का एक समृद्ध संग्रह है। इस ऐतिहासिक पुस्तक का रूसी अनुवाद भेंट करना भारत और रूस के बीच गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को पेश करता है।
सभी देशों को विकास के समान अवसर मिलें
नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि BRICS देश चाहते हैं कि बिना किसी अपवाद के सभी देशों को विकास और अपनी आबादी की खुशहाली के लिए समान और असीमित अवसर मिलें। उन्होंने कहा, “दुनियाभर में कई लोग हमारे मूल्यों और आदर्शों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।”