BREAKING: भारत-पाक तनाव के बीच कांपी पाकिस्तान की धरती, भूकंप के झटके से मचा कोहराम; जानिए कितनी थी तीव्रता
Pakistan Earthquake: भारत और पाक तनाव के बीच पाकिस्तान से भूकंप आने की खबर आई है। फिलहाल नुकसान होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

Pakistan Earthquake: भारत और पाक तनाव के बीच पाकिस्तान से भूकंप आने की खबर आई है। भूकंप की तीव्रता 4.2 बताई जा रही है। फिलहाल नुकसान होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। पाकिस्तान में अक्सर भूकंप आते हैं, जिसमें से कई विनाशकारी भी होते हैं। पाकिस्तान भूगर्भीय रूप से यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेटों पर ओवरलैप करता है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण हैं। तनाव और दहशत के माहौल में पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में भूकंप के झटके लगने की खबर है। खबरों के मुताबिक, आज 5 मई को पाकिस्तान में दोपहर के वक्त धरती कांपी है। नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। खबर लिखे जाने तक जानमाल की क्षति की खबर नहीं है। किसी तरह के बड़े आर्थिक नुकसान की सूचना भी नहीं है।
पिछले महीने भूकंप ने म्यांमार में मचाई तबाही
करीब एक महीने पहले म्यांमार में आए भूकंप से जो तबाही मची थी उसे शायद ही अभी तक कोई भूला पाया होगा। इस प्राकृतिक आपदा में तीन हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों लोग लापता और घायल हो गए थे। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने म्यांमार में राहत-बचाव कार्य के लिए मदद भेजी थी। कई बार भूकंप विनाशकारी साबित होते हैं और तबाही मच जाती है।
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप धरती की अंदरूनी सतह में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने और उनके बीच ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण आता है। जब ये प्लेटें हिलती हैं, तो जमीन में तेज कंपन उत्पन्न होती है, जिसे भूकंप के झटकों के रूप में महसूस किया जाता है।
Advertisement
भूकंप के दौरान क्या करें ?
खुली जगह पर चले जाएं और इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें।
अगर घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत टेबल, बेड या कुर्सी के नीचे छिपें, ताकि गिरने वाली चीजों से बचा जा सके।
लिफ्ट या सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें और शांत रहें।
सरकारी निर्देशों का पालन करें और भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (दोबारा झटकों) के लिए तैयार रहें।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखे।