Bangladesh: शेख हसीना के विरोध में चल रही छात्र रैली में बम धमाका, सांसद नाहिद इस्लाम के मंच के पास ब्लास्ट, 3 लोग घायल
बांग्लादेश में 'जुलाई क्रांति' की दूसरी बरसी पर शेख हसीना के विरोध में निकाली गई NCP की छात्र रैली में भीषण बम ब्लास्ट हुआ। जनसभा के दौरान पार्टी संस्थापक और सांसद नाहिद इस्लाम के मंच के पास हुए धमाके से भगदड़ मच गई।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Bangladesh news: बांग्लादेश में राजनीतिक उठापटक और अस्थिरता थमने का नाम नहीं ले रही है। राजधानी ढाका के नजदीकी इलाके सावर (Savar) में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का विरोध कर रहे छात्रों की एक बड़ी रैली में भीषण बम धमाका हुआ है। इस बम ब्लास्ट में कम से कम तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंच पर चल रहा था भाषण, तभी…
हमला सोमवार (6 जुलाई) की रात करीब 9:45 बजे सावर थाना स्टैंड के पास स्थित ईदगाह मैदान में हुआ। नवगठित राजनीतिक दल 'नेशनल सिटिजन पार्टी' (NCP) की ओर से 'जुलाई मार्च' निकाला जा रहा था। बताया जा रहा है कि NCP का मार्च खत्म होने के बाद वहां एक जनसभा चल रही थी। जब ढाका जिला NCP की संयोजक नबीला तस्नीद मंच से भाषण दे रही थीं, ठीक उसी समय रैली स्थल पर जोरदार धमाका हुआ।
जिस वक्त यह ब्लास्ट हुआ, उस समय मंच पर पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम, सदस्य सचिव अख्तर हुसैन और उत्तरी क्षेत्र के मुख्य आयोजक सरजिस आलम समेत कई बड़े छात्र नेता मौजूद थे। धमाके के बाद रैली में भगदड़ मच गई। घायलों की पहचान मोहम्मद शाहीन खंडाकर (30), मोहम्मद जासिम (26) और मोहम्मद शहादत हुसैन (40) के रूप में हुई है।
'जुलाई क्रांति' की दूसरी बरसी पर हो रहा था प्रदर्शन
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी (जुलाई क्रांति) के मौके पर NCP ने देशव्यापी 'जुलाई मार्च' के पहले दिन का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस मार्च के जरिए छात्र संगठन जनमत संग्रह लागू करने, नए रोजगार पैदा करने, जारी बिजली संकट का स्थायी समाधान निकालने, बढ़ती महंगाई और चीजों की कीमतों पर नियंत्रण पाने जैसी कई मांगे उठाई गईं।
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अभी भी भारत में हैं शेख हसीना
5 अगस्त 2024 को देश छोड़ने के बाद से ही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में मौजूद हैं। उनके प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग की गई है।
इस पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत सरकार स्थापित कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बांग्लादेश की इस औपचारिक कूरियर/अनुरोध की आधिकारिक समीक्षा कर रही है। भारत का मुख्य फोकस इस समय ढाका में बनी नई सरकार के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को स्थिर रखना और पड़ोसी देश में शांति बहाली सुनिश्चित करना है।