'मिशन पूरा, तो अब क्या हासिल करना बाकी', ईरान जंग पर अब 'दोस्त' ही उठा रहे सवाल, ट्रंप ने 2-3 हफ्ते जोरदार हमले जारी रखने का किया ऐलान
US-Iran War news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अपने लक्ष्यों को लगभग पूरा होने का दावा किया है। तब भी उन्होंने ईरान पर अगले दो-तीन हफ्ते जोरदार हमले जारी रखने की बात कही। उनके इन फैसलों पर अब 'दोस्त' देश ही सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US-Israel-Iran War: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर जब ईरान के खिलाफ जंग छेड़ी थी, तो उन्हें लगा होगा कि वे कुछ दिनों में ही ईरान को घुटनों पर ला देंगे, लेकिन हुआ ऐसा नहीं। ईरान इस युद्ध को मजबूती से लड़ रहा है। उसने साफ कर दिया कि वे किसी भी हाल में झुकने वाला नहीं। इस बीच अब ऐसे में युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही सवालों के घेरे में आ गए हैं। अब न सिर्फ उनके आलोचक बल्कि 'दोस्त' और साथी भी सवाल उठाने लगे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि ईरान में युद्ध के उद्देश्य पूरे हो गए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि और क्या हासिल करना बाकी है?
हमारे देश के लिए कठिन समय- अल्बानीज
ऑस्ट्रेलिया के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए PM अल्बानीज ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को अपने देश के लिए "चुनौतीपूर्ण समय" बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे देश के लिए एक कठिन समय है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतिहास में सबसे बड़ी वृद्धि हुई है। ऑस्ट्रेलिया इस युद्ध में सक्रिय रूप से शामिल नहीं है। हमने मूल उद्देश्यों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था, जिसमें ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना और उसके पड़ोसियों के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता को कम करना शामिल है।”
‘यह स्पष्ट नहीं है कि आगे क्या हासिल करना बाकी…’
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की वायुसेना कमजोर हो गई है। उसकी नौसेना कमजोर हो गई है। उनका सैन्य औद्योगिक आधार कमजोर हो गया है और मिसाइल दागने की उसकी क्षमता भी कमजोर हो गई है। यह अच्छी बात है। और अब ये लक्ष्य हासिल हो चुके हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि आगे क्या हासिल करना बाकी है या इसका अंतिम लक्ष्य क्या होगा।
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अल्बाजी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव उतना ही अधिक होगा। न केवल ईंधन की कीमत पर, बल्कि ईंधन पर निर्भर हर चीज पर। सचमुच हर चलने-फिरने वाली चीज पर।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि अमेरिका ने ईरान में अपने लक्ष्यों को लगभग पूरा कर लिया है। तब भी उन्होंने अगले 2-3 हफ्ते तक ईरान पर जोरदार हमला जारी रखने की बात कही।