अपडेटेड 21 March 2026 at 18:47 IST
दुनिया में जंग के बीच भारत-चीन के संबंधों में नया आयाम, 6 साल बाद बीजिंग और दिल्ली के बीच शुरू होगी सीधी उड़ान, एयर चाइना करेगी शुरुआत
Air China Beijing to New Delhi: भारत और चीन के बीच लंबे समय से थमे सीधे हवाई कनेक्शन को लेकर एयर चाइना ने आधिकारिक तौर पर बीजिंग और नई दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। यह 2020 में वैश्विक महामारी के दौरान बंद हुई यह सेवा लगभग चार साल के लंबे समय के बाद वापस लौट रही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Air China Beijing to New Delhi: आज जब दुनिया के कई हिस्से युद्ध की आग में झुलस रहे हैं, तब एशिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों भारत और चीन के बीच रिश्तों में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। लगभग 6 साल के लंबे इंतजार के बाद बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। इस नई शुरुआत का नेतृत्व एयर चाइना करने वाली है। जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
6 साल का लंबा अंतराल और बदली परिस्थितियां
साल 2020 में गलवान घाटी में हुए सीमा विवाद और फिर वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें पूरी तरह बंद कर दी गई थीं। पिछले कुछ सालों में यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरीए दुबई, बैंकॉक या सिंगापुर होकर यात्रा करनी पड़ती थी। जिसे समय और पैसा दोनों ही ज्यादा खर्च होते थे। लेकिन अब हाल ही में डिसइंगेजमेंट पूरी होने के बाद, दोनों देशों ने शांति और सहयोग की ओर कदम बढ़ाए हैं और सीधी उड़ान शुरू करने का फैसला लिया है।
एयर चाइना की पहल का क्या होगा असर?
एयर चाइना द्वारा इस सेवा की शुरुआत करना केवल एक बिजनेस डील नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत कूटनीतिक संकेत है। इसके कई फायदे देखने को मिल सकते हैं। भारत और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते हमेशा से गहरे रहे हैं। सीधी उड़ान से व्यापारियों, इंजीनियरों और निवेशकों का आना-जाना आसान होगा। कनेक्टिंग फ्लाइट्स के मुकाबले सीधी उड़ान का किराया कम होने की उम्मीद है, जिससे मध्यम वर्ग के यात्रियों और छात्रों को राहत मिलेगी। दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
आपको बता दें, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। ऐसे में दुनिया की नजरें भारत और चीन पर टिकी है। अगर ये दो पड़ोसी देश अपने मतभेदों को पीछे छोड़कर कनेक्टिविटी को ओर बढ़ते हैं तो इससे न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।
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Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 21 March 2026 at 18:47 IST