हल्के दर्द के बाद डॉक्टर के पास गई थी 22 साल की खूबसूरत लड़की, डेंटिस्ट की एक गलती ने बर्बाद कर दिया सब कुछ, मुंह में नहीं बचा एक भी दांत
22 साल की एक खूबसूरत लड़की अपने दांतों में हल्के दर्द के बाद डॉक्टर के पास जाती है। इसके बाद डेंटिस्ट की गलती की वजह से उसके मुंह के एक भी दांत नहीं बचे। उस लड़की का सब कुछ बर्बाद हो गया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें नई लाइफ और हेल्थ देते हैं। मगर जब यही डॉक्टर जब अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट जाएं, तो किसी की हंसती-खेलती जिंदगी भी नरक बन सकती है। ब्रिटेन से एक ऐसा ही स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डेंटिस्ट की घोर लापरवाही ने एक 22 साल की युवती की पूरी जिंदगी को बदलकर रख दिया है। जिस उम्र में युवा अपनी खूबसूरत मुस्कान बिखेरते हैं, उस उम्र में इस लड़की को अपने सभी दांतों से हाथ धोना पड़ा है। डेंटिस्ट के गलत इलाज के कारण अब वह पूरी तरह नकली दांतों के सेट यानी डेंट्योर पर निर्भर हो चुकी है।
लड़की को क्या हुआ था
एक युवती के दांतों में अचानक हल्का सा दर्द शुरू हुआ था। शुरुआत में उसने इसे नॉर्मल कैविटी या मसूड़ों की तकलीफ समझा, जो दवाइयों या साधारण इलाज से ठीक हो जाती है। इसी उम्मीद के साथ उसने डेंटिस्ट से संपर्क किया और अपना उपचार शुरू करवाया। लड़की को अपने डॉक्टर पर पूरा विश्वास था कि वे उसे इस दर्द से छुटकारा पा लेगी, लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसका ये फैसला उसकी लाइफ की सबसे बड़ी भूल होगी।
डेंटिस्ट ने किया अंधाधुंध गलत इलाज
रिपोर्ट के अनुसार, उस डेंटिस्ट ने लड़की के दांतों की वास्तविक समस्या को पहचानने में बहुत बड़ी लापरवाही कर दी। उसने लड़की को ऐसी थेरेपी और ट्रीटमेंट देना शुरू कर दिया, जिसकी उसके दांतों को आवश्यकता ही नहीं थी। चिकित्सक ने लंबे समय तक लड़की के दांतों की सड़न और मसूड़ों की गंभीर बीमारी को पूरी तरह से अनदेखा किया। इसका परिणाम यह हुआ कि संक्रमण धीरे-धीरे मसूड़ों से होता हुआ जबड़े की हड्डियों तक फैल गया। जब तक युवती को इस भयानक स्थिति के बारे में पता चला तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अब लड़की को लगानी पड़ी नकली बत्तीसी
जब दांतों का दर्द पूरी तरह से असहनीय हो गया, तो पीड़ित लड़की दूसरे बड़े विशेषज्ञों के पास पहुंची। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर लड़की के पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि पुराने गलत इलाज की वजह से उसके सारे दांत अंदर से पूरी तरह गल चुके हैं, जिन्हें अब किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जा सकता। अब उसको आगे बढ़ने से रोकने और अपनी जान बचाने के लिए, मात्र 22 साल की उम्र में उसे अपने सारे दांत हमेशा के लिए निकलवाने पड़े। अब वह बिना दांतों के रहने पर विवश है और उसे खाना खाने से लेकर बातचीत करने के लिए नकली दांत लगवाने पड़े हैं।
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कोर्ट ने सिखाया डॉक्टर को कड़ा सबक
इस असहनीय शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव से गुजरने के बाद भी लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी डेंटिस्ट के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही पूरी तरह से प्रमाणित हो गई। यह साफ हो गया कि यदि शुरुआत में युवती को सही उपचार मिल जाता, तो उसके दांत सुरक्षित रह सकते थे। अदालत ने इस मामले को अत्यंत गंभीर माना और दोषी डेंटिस्ट पर भारी-भरकम मुआवजा देने का आदेश सुनाया। हालांकि, पीड़िता का कहना है कि मुआवजे में मिले पैसों से उसके असली दांत और उसका पुराना जीवन कभी वापस नहीं आ सकता।