15 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर, 46 साल बाद साधु के वेश में भिक्षा मांगने पहुंचा घर तो फूट-फूट कर रोने लगी मां, भावुक पल का VIDEO VIRAL
Uttarakhand Emotional Video: उत्तराखंड के इस इमोशनल वीडियो को देखकर लोग भी भावुक हो गए। वीडियो से ज्यादा इस मां-बेटे की कहानी दिलचस्प है।
- वायरल न्यूज़
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Uttarakhand Viral Video: मां का प्यार और उसका इंतजार दुनिया में सबसे अनोखा होता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह वीडियो एक मां और बेटे के उस मिलन का है, जो करीब आधी सदी यानी 46 साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सामने आए इस वीडियो में भावनाओं का एक ऐसा सैलाब है, जिसे देखकर आप भी भावुक हो जाएंगे।
क्या है इस वायरल वीडियो में?
जो लड़का महज 15 साल की उम्र में अपना घर-परिवार छोड़कर चला गया था, वह अब 'बुद्धनाथ' नाम का एक साधु बन चुका है। दर-दर भटककर भिक्षा मांगने वाले इस साधु के कदम 46 साल बाद अपने ही घर के दरवाजे पर आ रुके। बता दें कि मां ने दशकों तक अपने बेटे की जुदाई का दर्द सहा। उसे यह भी नहीं पता था कि उसका बेटा जिंदा भी है या नहीं।
जब यह साधु भिक्षा मांगने एक घर के दरवाजे पर पहुंचा, तो सामने उसकी 85 वर्षीय बूढ़ी मां खड़ी थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे परिवार के अन्य सदस्यों के बीच जब मां अपने खोए हुए बेटे को पहचानती है, तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाती है। वीडियो में कैद भावनाएं बिल्कुल साफ हैं। वीडियो के सबटाइटल्स जीवन के अलग-अलग रास्तों और परिवार के कभी न टूटने वाले मजबूत रिश्तों की बात करते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन
इस बेहद भावुक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक अकाउंट से शेयर किया गया है। यह अकाउंट आमतौर पर लड़ाई-झगड़े या मनोरंजन से जुड़े वीडियो पोस्ट करने के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार इसने लोगों के दिलों के तार छेड़ दिए हैं।
यह वीडियो इंटरनेट पर सिर्फ एक क्लिप बनकर नहीं रह गया है, बल्कि यह इस बात का एक सांस्कृतिक और भावनात्मक प्रतीक बन गया है कि एक मां की उम्मीद और उसका प्यार कभी नहीं मरता, चाहे दूरियां कितने भी सालों की क्यों न हों। लोग इस वीडियो को देखकर कह रहे हैं कि जिंदगी हमें चाहे किसी भी रास्ते पर ले जाए, लेकिन मां के प्यार की कोई सीमा या उम्र नहीं होती।