Trending: 70 साल के शख्स ने 12 पत्नियों से पैदा कर डाले 102 बच्चे, 578 पोते-पोतियों का है दादा; कैसे संभाल रहा कुनबा?
आज कल खर्चों को देखकर 1-2 बच्चों के पालन पोषण में ही लोगों को डिप्रेशन हो जाता है, चलिए जानते हैं युगांडा के मुसा कसेरा की कहानी.. 578 पोते-पोतियों के दादा हैं।
- वायरल न्यूज़
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Musa Kasera Big Family : क्या आप सोच सकते हैं कि एक शख्स के 102 बच्चे हों? यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है। युगांडा में एक 70 साल के शख्स ने 12 पत्नियों से 102 बच्चे पैदा किए हैं और अब वह 578 नाती-पोतों का दादा और नाना भी है। यह अनोखी कहानी जनसंख्या विस्फोट की समस्या को उजागर करती है और सोचने पर मजबूर करती है कि क्या बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं ? खैर आज कल के खर्चों को देखकर 1-2 बच्चों के पालन पोषण में ही लोगों को डिप्रेशन हो जाता है, चलिए जानते हैं युगांडा के मुसा कसेरा की कहानी।
नाइजीरिया के मुसा कसेरा की इतनी बड़ी फैमिली अब उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा बोझ बन चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को संभालने में वह नाम तक भूलने लगे, जिसके बाद उन्हें सभी बच्चों के नाम रखने और याद रखने के लिए रजिस्टर बनाना पड़ा। 20-30 घरों में बसा यह परिवार सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना हुआ है और जनसंख्या नियंत्रण के महत्व को भी उजागर कर रहा है।
12 बीवियां, 102 बच्चे और फिर बच्चों के बच्चे
मुसा सिर्फ 102 बच्चों का पिता ही नहीं है बल्कि उनके बच्चों के बहुत सारे बच्चे भी है, वह 578 नाती-पोतों का दादा और नाना भी है। बता दें इस बात का खुलासा उन्होंने खुद किया है, युगांडा के पूर्वी हिस्से के मूकीजा गांव में मुसा का पूरा परिवार करता है, वैसे तो परिवार है लेकिन एक गांव जितने घरों में मुसा का कुनबा रहता है। जहां मुसा कसेरा भी उनके साथ ही रहते हैं। मुसा का कहना है कि इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण करना अब उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। भुखमरी के हालातों के बीच उनका घर चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मुसा ने बताया कम पड़ जाता है भोजन
मुसा कसेरा ने बताया कि इतने बड़े परिवार को पालना आसान नहीं है। उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है और कई बार भोजन की कमी भी हो जाती है। मूसा का परिवार कुल 20-30 घरों में रहता है, जहां उनका पूरा परिवार रहता है। इतना बड़ा परिवार देखकर हर कोई हैरान है और कुछ लोग इसे हिम्मत भरा बता रहे हैं, जहां 4 लोगों के परिवार को पोषण भी सर दर्दी लगता है, वहां 500 से ऊपर लोगों का खर्चा और खाना पानी, यकीनन राशन भी कम पड़ना तय है। तो ये थी युगांडा के मुसा कसेरा के बड़े परिवार की कहानी। भारत में लंबे समय तक 'बच्चे दो ही अच्छे' जैसा परिवार नियोजन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, कई राज्यों ने ऐसी नीतियां भी बनाई हैं जिसमें दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी में प्राथमिकता नहीं दी जाती।