AI की ताकत देख गूगल के एक्जीक्यूटिव ने छोड़ी 9.3 करोड़ की नौकरी, क्यों उठाया इतना बड़ा कदम? जानकर हैरान रह जाएंगे

गूगल में काम करने वाले यूसुफ इमरान ने अपनी 9.3 करोड़ रुपये वाली नौकरी छोड़ दी। जानें इतना बड़ा फैसला उन्होंने क्यों लिया? यूसुफ गूगल में करीब 6 सालों से काम कर रहे थे, पढ़ें पूरी खबर

Google executive Yusuf quit his job worth 93 million rupees
AI की ताकत देख गूगल की 9.3 करोड़ की नौकरी छोड़ी | Image: Representative ai

Quit Google job for AI startup: गूगल के एक्स एक्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने अपनी मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी है, वो सिलिकॉन वैली में गूगल के ऑफिस में सालाना 1 मिलियन डॉलर, यानी भारतीय रुपये के मुताबिक करीब 9.3 करोड़ कमाते थे, इतने हाई पैकेज पाना किसी भी प्रोफेशनल के लिए सपना होता है और यूसुफ इस सपने को जी रहे थे, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपनी जॉब छोड़ने जैसा बड़ा फैसला लिया।

दरअसल, 41 साल के यूसुफ इमरान ने अप्रैल 2026 में गूगल एक्जीक्यूटिव की पोस्ट छोड़ अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू कर लिया, नौकरी छोड़ने वाली कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। जिसके बाद लोगों के मन में सवाल आया कि आखिर इतनी बड़ी नौकरी क्यों छोड़ी?

गूगल में AI से जुड़ा ये काम करते थे यूसुफ

यूसुफ इमरान की बैकग्राउंड की बात की जाए तो यूसुफ इमरान बांग्लादेश से अमेरिका आए एक प्रवासी परिवार से आते हैं। पांच साल की उम्र में उनका परिवार न्यूयॉर्क में रह रहा है। उन्होंने सेल्स में करीब 15-20 साल का अनुभव हासिल किया। 2020 में वे गूगल से जुड़े और अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम किया। उनका काम था कंपनियों को गूगल के AI और मशीन लर्निंग प्रोडक्ट्स अपनाने में मदद करना।

गूगल में मोटी कमाई करते थे

विदेशी मीडिया के मुताबिक, अपने लेख में यूसुफ इमरान ने बताया कि उनकी बेस सैलरी करीब 1.7 लाख डॉलर (लगभग 1.6 करोड़ रुपये) थी। बाकी कमाई कमीशन से आती थी। पिछले साल उनकी कुल कमाई करीब 9.86 लाख डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई थी।

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ये थी नौकरी छोड़ने की असली वजह

यूसुफ इमरान ने साफ कहा कि गूगल में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (Fear of Missing Out) महसूस हो रहा था। OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं, जो जिंदगी बदल सकते थे। उन्होंने लिखा कि, 'AI का बढ़ता चलन देखकर मुझे कुछ छूट जाने का डर बार बार सता रहा था, ऐसे में अच्छी सैलरी और जॉब सिक्योरिटी से ज्यादा जरूरी था अपना स्टार्टअप शुरू करना और उसमें अपनी हिस्सेदारी रखना।' वहीं, गूगल में हाल ही में हुई छंटनी ने भी उनके फैसले को मजबूत किया। अच्छे स्किल वाले लोग नौकरी खोते देखकर यूसुफ ने सोचा कि अब खुद का बिजनेस बनाने का समय आ गया है।

अप्रैल में गूगल छोड़ने के बाद यूसुफ इमरान ने Mangosteen Studio शुरू किया। ये AI-पावर्ड टूल्स बनाता है जो सेल्स प्रोफेशनल्स को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं। उन्होंने स्टार्टअप के लिए दो साल चलाने लायक 2 लाख डॉलर (करीब 1.9 करोड़ रुपये) और रहने-खाने के खर्च के लिए 1.5 लाख डॉलर अलग रखे हैं। वे बिना बाहरी फंडिंग के कंपनी को बढ़ाना चाहते हैं, ताकि पूरा कंट्रोल उनके पास रहे।

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AI नए मौके भी दे रहा है- यूसुफ

यूसुफ इमरान का मानना है कि AI सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि लोगों को अपना बिजनेस शुरू करने का मौका भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि 'मेरे पास सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन 20 साल का सेल्स का अनुभव था। यही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी। ये कहानी साफ बताती है कि आज के समय में स्किल, रिस्क लेने की हिम्मत और सही समय पर फैसला लेना कितना जरूरी है। गूगल जैसी कंपनी छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन यूसुफ इमरान ने विश्वास किया कि AI का युग नए अवसर ला रहा है। ऐसे में युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए ये एक अच्छा संदेश है कि अच्छी नौकरी के साथ-साथ खुद कुछ नया बनाने की कोशिश जारी रखना सही फैसला साबित हो सकता है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड