जब अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा के शरीर पर लिपट गया काला सांप... मां बोलीं- मुझे तुम पे बहुत गर्व है बेटा, सदा पशुपति नाथ... VIDEO VIRAL
नागपंचमी के पावन पर्व पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा ने जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश की। त्यौहार के अवसर पर जब एक सपेरा विषधर सांपों को लेकर आया, तो प्रथमा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन सभी सांपों को सपेरे से मुक्त करा लिया।
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नागपंचमी के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव की नन्हीं बेटी प्रथमा ने जीव-दया और साहस की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। प्रथमा ने सपेरों के पास कैद विषधर सांपों को मुक्त कराकर उन्हें लखनऊ से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। प्रथमा का यह कदम न केवल पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि हमारे पारंपरिक त्योहारों को मनाने के प्रति एक मानवीय दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
अपर्णा यादव ने इस दिल छू लेने वाले घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नन्हीं प्रथमा बिना किसी डर के, बेहद करुणा और आत्मीयता के साथ जहरीले सांपों को उनके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में आजाद कर रही हैं। जिस उम्र में बच्चे सांपों से घबराते हैं, उस उम्र में प्रथमा का यह निडर और दयालु रूप लोगों के दिलों को छू रहा है।
मां अपर्णा यादव हुईं भावुक
बेटी के इस जीव-प्रेम, करुणा और साहस को देखकर मां अपर्णा यादव अपने आंसू रोक नहीं सकीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश लिखकर अपनी बेटी की सराहना की। अपर्णा ने लिखा 'आज नागपंचमी पे प्रथमा बेटा ने सर्पों को सपेरा से बहुत उदारता से और करुणापूर्वक जंगल में आजाद किया। उन्हें सुदूर लखनऊ के आगे वन क्षेत्र में छोड़ा गया। 'अहिंसा परमो धर्मः' जग में अत्यंत आवश्यक है। मुझे तुम पे बहुत गर्व है बेटा। सदा पशुपति नाथ सबकी रक्षा करें, कल्याण करें... हर हर महादेव।'
पिता प्रतीक यादव के पदचिह्नों पर प्रथमा
अपर्णा यादव ने यह भी साझा किया कि इन विषधर सांपों ने भी नन्हीं प्रथमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, जो यह साबित करता है कि करुणा की भाषा बेजुबान भी समझते हैं। प्रथमा को अपने पिता प्रतीक यादव के पशु-प्रेम और सिद्धांतों को आगे बढ़ाते देख अपर्णा का दिल गर्व से भर गया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अक्सर लोग कहते हैं कि बेटियां पिता की लाडली होती हैं, लेकिन सच तो यह है कि बेटियों से ज्यादा अपने पिता को कोई प्यार नहीं कर सकता है।