Viral Video: बीमार छात्रा को पीठ पर उठा कर 6 किमी लंबा पहाड़ी रास्ता पार कर गई वार्डन हेमा, वीडियो दिल जीत लेगी
आंध्र प्रदेश में स्कूल वार्डन हेमा ने बीमार छात्रा को 6 किमी तक पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने इंसानियत की मिसाल बताया, जानें क्या थी घटना, पढे़ं पूरी खबर
- वायरल न्यूज़
- 3 min read

Viral Video: आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मान्यम (Parvathipuram Manyam) जिले के एक दूरदराज आदिवासी इलाके में एक स्कूल वार्डन ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है कि इस घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया। यहां ट्राइबल वेलफेयर आश्रम स्कूल की वार्डन हेमा ने तेज बुखार से पीड़ित एक छात्रा को अपनी पीठ पर उठाकर करीब 6 किलोमीटर तक पहाड़ी और जंगली रास्ते पार कर अस्पताल पहुंचाया।
वार्डन ने बच्ची की जान बचाई
ये घटना 30 जून की बताई जा रही है, जहां छात्रा को अचानक तेज बुखार आ गया। गांव में न तो सड़क थी, न ही कोई वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध थी। बारिश का मौसम था और रास्ता पथरीला और जंगली था। ऐसे में वार्डन हेमा ने बिना किसी हिचकिचाहट के बच्ची को अपनी पीठ पर लाद लिया और पैदल चल पड़ीं। छात्रा की उम्र करीब 11 साल बताई जा रही है। हेमा ने उसे सावधानी से संभालते हुए ऊबड़-खाबड़ रास्ते पार किए और समय पर मेडिकल सेंटर पहुंचा दिया। उनके इस समर्पण ने बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
वीडियो देख भावुक हुए लोग
इस घटना का वीडियो आंध्र प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. शैलजा रायापति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो देखते ही लोग भावुक हो गए। हजारों यूजर्स ने हेमा को 'रियल हीरो' और 'भगवान का रूप' बताया। एक यूजर ने लिखा- 'ऐसे लोग ही इंसानियत को जिंदा रखते हैं।' दूसरे ने कहा, 'सरकार को ऐसी कर्मठ महिलाओं को सम्मान देना चाहिए।' वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हर तरफ तारीफ की बौछार हो रही है।
इस घटना ने एक बार फिर दूरदराज के आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। स्वास्थ्य सेवाएं, सड़कें और परिवहन की कमी के कारण ऐसे मामलों में आम लोगों को कितनी परेशानी होती है, ये साफ दिख रहा है।
Advertisement
इसांनियत की मिसाल पेश
ऐसी घटनाएं सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी से कहीं आगे जाकर इंसानियत की मिसाल पेश करती हैं। लेकिन साथ ही यह भी याद दिलाती हैं कि आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना कितना जरूरी है। अगर सड़क और एंबुलेंस की सुविधा होती तो शायद हेमा जी को इतना कठिन सफर न करना पड़ता।डॉ. शैलजा रायापति ने भी इस घटना को शेयर करते हुए कहा कि जिम्मेदारी और इंसानियत जब साथ आते हैं तो कोई भी जिंदगी बचाई जा सकती है। ये वीडियो न सिर्फ एक वार्डन की बहादुरी दिखाता है, बल्कि हमें यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि हमारे देश के दूर-दराज इलाकों में अभी कितना काम बाकी है।