VIRAL: सीवर लाइन के लिए हो रही थी खुदाई, गड्ढे में मजदूर पर अचानक गिरा मिट्टी का चट्टान, जिंदा दफन; दिल दहलाने वाला VIDEO आया सामने
Worker Buried Alive Video: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर के रेलवे रोड पर सीवर लाइन की मरम्मत के दौरान एक मजदूर की जिंदा दफन होने से मौत हो गई।
- वायरल न्यूज़
- 3 min read
Aligarh, Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। शहर के रेलवे रोड पर सीवर लाइन की मरम्मत के दौरान एक मजदूर की जिंदा दफन होने से मौत हो गई। 20 फीट गहरे गड्ढे में काम कर रहे मजदूर पर अचानक मिट्टी का एक भारी हिस्सा यानी टीला गिर गया, जिससे उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देख किसी का भी दिल दहल जाए।
कैसे हुआ यह हादसा?
पिछले दो दिनों से इलाके में जलभराव की समस्या बनी हुई थी। चोक हो चुकी सीवर लाइन को ठीक करने के लिए जलकल विभाग की टीम काम कर रही थी। खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन भी डैमेज हो गई थी, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
मजदूर करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में उतरा था। सीवर लाइन को जोड़ने के दौरान ऊपर से मिट्टी की एक भारी परत भरभरा कर नीचे गिर गई। चश्मदीदों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने गहरे गड्ढे में काम कराने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और चीख-पुकार
मिट्टी गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ काम कर रहे अन्य मजदूरों ने अपने साथी को निकालने की जी-जान से कोशिश की, लेकिन टनों वजनी मलबे के आगे वे बेबस नजर आए। सूचना मिलते ही जेसीबी बुलाई गई और मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ। काफी मशक्कत के बाद जब तक मजदूर को बाहर निकाला गया, मिट्टी के भारी दबाव के कारण उसका दम घुट चुका था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे 'मृत घोषित' कर दिया।
Advertisement
स्थानीय नागरिक का कहना है, "इतने गहरे गड्ढे में बिना किसी 'शटरिंग' यानी मिट्टी रोकने के सहारे के मजदूर को उतारना सीधे तौर पर उसकी जान से खिलवाड़ है।"
प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया गया है। विभाग के सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।
Advertisement
यह घटना हमें याद दिलाती है कि विकास कार्यों के शोर में उन मजदूरों की सुरक्षा अक्सर पीछे छूट जाती है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे शहरों को रहने लायक बनाते हैं। अगर समय रहते सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग किया गया होता, तो आज यह मजदूर अपने परिवार के बीच होता।