VIRAL: जाको राखे साइयां मार सके ना कोई... सड़क पर खेल रही थी बच्ची, अचानक चढ़ गई कार फिर हुआ चमत्कार, VIDEO देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे
Ahmedabad Viral Video: यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि लापरवाही की कीमत कितनी भारी हो सकती है। खुशकिस्मती से इस बच्ची की जान बच गई, लेकिन हर कोई इतना खुशनसीब नहीं होता।
- वायरल न्यूज़
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Ahmedabad Viral News: अहमदाबाद के नोबलनगर इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। एक 3 साल की बच्ची खेल रही थी, तभी एक तेज रफ्तार कार उसे रौंदते हुए निकल गई। लेकिन कुदरत का करिश्मा देखिए कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी वह बच्ची चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गई।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी एक बिना नंबर प्लेट वाली कार वहां आई, जिसे कथित तौर पर एक नाबालिग चला रहा था। ड्राइवर ने लापरवाही से कार बच्ची के ऊपर चढ़ा दी। जब आसपास के लोग चिल्लाए, तब जाकर गाड़ी रुकी।
वीडियो के सबसे हैरान करने वाले हिस्से में दिखता है कि कार के नीचे दबने के बावजूद, बच्ची खुद रेंगकर बाहर निकलती है और अपने पैरों पर खड़ी हो जाती है। मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने तुरंत बच्ची को संभाला और कार चला रहे किशोर की जमकर क्लास लगाई। एक महिला को गुस्से में ड्राइवर को थप्पड़ मारते हुए भी देखा गया।
पुलिस की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर 'हिमांशु परमार' नाम के यूजर द्वारा वीडियो शेयर किए जाने के बाद अहमदाबाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया G-डिवीजन ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग के खिलाफ BNS की धारा 281, 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
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जनता का गुस्सा और उठते सवाल
इस वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। लोगों का गुस्सा सिर्फ उस किशोर पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता पर भी है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है। एक नाबालिग के हाथ में कार की चाबियां कैसे आईं? लोगों की मांग है कि सजा बच्चे के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी मिलनी चाहिए।
यूजर्स का कहना है कि ऐसी घटनाओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि दूसरे लोग अपने बच्चों को गाड़ी देने से पहले सौ बार सोचें। रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार और बिना लाइसेंस के ड्राइविंग मासूमों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
यह घटना पूरी तरह से टाली जा सकती थी। किसी भी बिना लाइसेंस वाले व्यक्ति को स्टीयरिंग नहीं छूने देना चाहिए। यह सिर्फ ड्राइवर की गलती नहीं, बल्कि उस परिवार की भी है जिसने उसे चाबी दी।